कोरोना को लेकर नीति आयोग ने जारी किया अनुमान, कहा- 30 के बाद उत्तर प्रदेश में होगा ये…

इसके अलावा कांफ्रेंसिंग में कहा गया कि अस्पतालों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ऑक्सीजन टैंकरों की आवाजाही के लिए रेलवे और एयरफोर्स को तैनात किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राज्यों से सख्ती की जाए और आवश्यक दवाइयों की ब्लैक मार्केटिंग को लेकर कड़ाई होनी चाहिए।

नीति आयोग के प्रजेंटेशन में कहा गया कि किसी भी राज्य के पास मामलों में उछाल से निपटने के लिए पर्याप्त आधारभूत संरचना नहीं है। उपचार सुविधाओं की कमी के कारण मौतों की संख्या बढ़ सकती है।

इस बैठक के दौरान पीएम-मुख्यमंत्रियों संग मीटिंग में नीति आयोग ने आने वाले पीक ऑवर पर चिंता जाहिर की है। माना जा रहा है कि दूसरे स्टेज का पीक ऑवर 11 से 15 मई के बीच चरम पर होगा।

पीक ऑवर के दौरान देश में कोरोना की दैनिक संख्या 5 लाख तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि संक्रमण की रफ्तार जून-जुलाई तक कम हो सकती है।

उत्तर प्रदेश में कोरोना का प्रकोप बढ़ता जा रही है। इस बीच नीति आयोग के इस अनमुान ने प्रदेश के लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है। नीति आयोग के ताजा अनुमान के मुताबिक अगले एक हफ्ते में यूपी कोरोना संक्रमण के मामलों में महाराष्ट्र को काफी पीछे छोड़ सकता है।

आयोग के मुताबिक 30 अप्रैल के बाद उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन करीब 1 लाख 19 हजार 604 नए मामले सामने आ सकते हैं। अगर ऐसे हालात बनते हैं.

तो इसके लिए उत्तर प्रदेश में रोजाना 16 हजार 752 ऑक्सीजन सिलेंडर और 3081 आईसीयू बेड की आवश्यकता होगी। बता दें कि यह अनुमान नीति आयोग ने पीएम और 10 राज्यों के सीएम के साथ हो रही बैठक में जारी किया है।