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नोबेल प्राइज देने का हुआ ऐलान, क्रेमर को माना गया विजेता

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 स्वीडन की रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंस ने इस वर्ष तीन लोगों को अर्थशास्त्र का नोबेल प्राइज देने का ऐलान किया. भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी, उनकी पत्नीएस्थर डुफ्लो के साथ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के माइकल क्रेमर संयुक्त रूप से अवॉर्ड के विजेता घोषित किए गए. क्रेमर के मुताबिक, जब मुझे स्काइप मैसेजिंग से नोबेल जीतने का संदेश मिला तो इसका भरोसा ही नहीं हुआ. लगा कि कोई दोस्त मजाक कर रहा है. हालांकि, बाद में जब एक आदमी ने बोला कि वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्री से जल्दी बात करना चाहता है, तब क्रेमर को अपने नोबेल जीतने का पता चला.

हार्वर्ड में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर क्रेमर (54) को अभिजीत, एस्थर के साथ वैश्विक गरीबी कम किए जाने के प्रयासों के लिए अर्थशास्त्र का नोबेल दिया जाएगा. इन तीनों ने गरीबी से लड़ने के सर्वश्रेष्ठ उपायों के बारे में भरोसेमंद जवाब पाने के लिए नया उपाय ईजाद किया. गरीबी के मामले को छोटे-छोटे प्रश्नों में बांट दिया. जैसे- एजुकेशन या बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर बनाने में सबसे प्रभावी साधन क्या है? इससे उन्होंने साबित किया कि प्रभावित लोगों से ऐसे छोटे  सटीक प्रश्नों के सबसे बढ़िया जवाब मिलते हैं.

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‘रिसर्चर्स समस्या सुलझाने का उपाय जानने लगे हैं’

नोबेल प्राइज जीतने के बाद क्रेमर ने कहा, “मैंने इतने वर्षों में संसार का अर्थशास्त्र बदलते देखा है. इस दौरान मैंने पाया कि रिसर्चर अब जमीन पर ज्यादा से ज्यादा लोगों से जुड़ने लगे हैं.” क्रेमर ने कहा, “ऐसा लग सकता है कि वैश्विक गरीबी मिटाना नामुमकिन है, लेकिन रिसर्चर्स समय के साथ सीख रहे हैं कि क्या कार्य करेगा  क्या अच्छा नहीं है. सरकारें भी समस्याओं को समझने में प्रभावी तरीका से कार्य कर रही हैं.

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