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दो महीने तक देहरादून स्टेशन से किसी भी ट्रेन का नहीं हो सकेगा संचालन, ये खास वजह आई सामने

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दो महीने तक दून स्टेशन से किसी भी ट्रेन का संचालन नहीं हो सकेगा। ज्यादातर ट्रेनों को हरिद्वार से संचालित किया जाएगा। कुछ ट्रेनों को हर्रावाला स्टेशन से चलाया जाएगा। ऐसा देहरादून के प्लेटफार्म नंबर पांच के कार्य की वजह से किया जाएगा। बहरहाल रेलवे अभी तक ट्रैफिक ब्लॉक का शेड्यूल जारी नहीं किया है। देहरादून रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण के तहत सिंघल मंडी की तरफ से पांच नंबर प्लेटफार्म का निर्माण कराया जा रहा है। यह कार्य अब अंतिम चरण में है।

इसे मुख्य ट्रैक से जोड़ने का काम भी अंतिम चरण में होना है। चूंकि, हरिद्वार-देहरादून के बीच सिंगल रेल ट्रैक है, ऐसे में इस कार्य के चलते दूसरे प्लेटफार्म के साथ ही मुख्य ट्रैक पर भी रेल यातायात का संचालन संभव नहीं हो सकेगा।

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एक दिन में 18 ट्रेनों का होता है संचालन दून रेलवे स्टेशन के निदेशक गणेश चंद ने बताया कि पांच नंबर प्लेटफार्म का कार्य अंतिम चरण में है। मुरादाबाद रेल मंडल के अधिकारियों को इस बारे में अवगत करा दिया गया है। मंडल स्तर से जल्द ही ट्रैफिक ब्लॉक का शेड्यूल जारी किया जाएगा।

देहरादून रेलवे स्टेशन से अमूमन एक दिन में करीब 18 ट्रेनों का संचालन होता है। इसके अलावा चेन्नई, कोच्चुवेली, इंदौरी, राफ्ती गंगा और उपासना एक्सप्रेस जैसी कुछ कई ट्रेनें साप्ताहिक हैं।

दून स्टेशन पर प्लेटफार्म की क्षमता सीमित होने के कारण ट्रेनों के संचालन में दिक्कत आ रही थी। ऐसे में कई बार कई ट्रेनें हरिद्वार से ही वापस करनी पड़ती हैं। पांच नंबर प्लेटफार्म बनने के बाद ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी।

प्रतिदिन 10 हजार यात्री करते हैं सफर दून स्टेशन से प्रतिदिन करीब 10 हजार यात्री विभिन्न ट्रेनों में सफर करते हैं। इन ट्रेनों के आरक्षण श्रेणी के कोच में रोजाना लगभग तीन हजार और जनरल श्रेणी के कोच में करीब चार हजार यात्री दून से सफर करने जाते हैं।

जबकि विभिन्न स्टेशनों से दून पहुंचने वाली ट्रेनों में भी यात्रियों की इतनी ही संख्या रहती है। यानी की ट्रैफिक ब्लॉक होने की स्थिति में लगभग 10 हजार यात्रियों को दो महीने परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

हरिद्वार और हर्रावाला स्टेशन पर बढे़गा दबाव
दून में ट्रैफिक ब्लॉक होने से अगर हरिद्वार के अलावा कुछ ट्रेनों का हर्रावाला से संचालन किया जाता है तो ऐसे में इन दोनों स्टेशनों पर भी दबाव बढ़ेगा। इस स्थिति में कई ट्रेनों के रवाना किए जाने और आगमन के निर्धारित समय में भी परिवर्तन किया जा सकता है।

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