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भारत में राफेल के आने के बाद चीन ने किया ऐसा, बढ़ाना शुरू किया…

मीटियॉर मिसाइल हवा से हवा में मार कर सकती है. इसकी मारक क्षमता 150 किलोमीटर है, यानी यह मिसाइल 150 किलोमीटर दूर मौजूद दुश्मन पर भी अचूक निशाना लगा सकती है.

इसका मतलब है कि राफेल बिना देश की सीमा पार किए ही दुश्मन के विमान को ढेर कर सकता है. राफेल में दूसरी मिसाइल है- स्काल्प मिसाइल.

स्काल्प की मारक क्षमता 600 किलोमीटर की, यानी मीटियॉर से कहीं ज्यादा, है. स्काल्प मिसाइल के जरिए राफेल इतनी दूर बैठे दुश्मन पर निशाना लगा सकता है. स्काल्प अपनी अचूक मारक क्षमता के लिए जाना जाता है.

वैसी क्षमता फिलहाल चीन और पाकिस्तान दोनों की ही वायुसेना के किसी एयरक्राफ्ट में नहीं है, जिसके चलते भारत इन दोनों देशों से कहीं आगे है. राफेलमें बिल्ड की गई मिसाइलें इसे सबसे अलग लड़ाकू विमान बनाती हैं. राफेल में लगी है मीटियॉर मिसाइल.

राफेल को दुनिया का सबसे ताकतवर लड़ाकू विमान माना जाता है. राफेल सैकड़ों किलोमीटर तक अचूक निशाना लगा सकता है.  राफेल में जो हवा से हवा में और हवा से जमीन में निशाना लगाने की क्षमता है.

राफेल अपनी मारक क्षमता के लिए जाना जाता है, ऐसे में वायुसेना में इस विमान के बेड़े को शामिल किया जाना बहुत अहम है. लेकिन आम उत्सुकता का विषय है कि आखिर राफेल कितना ताकतवर है और वायुसेना की क्षमता को किस स्तर तक बढ़ाएगा.

भारतीय एयरफोर्स में अगले महीने शामिल हो रहे बहुचर्चित राफेल फाइटर जेट (Rafale Fighter Jets) का पहला बैच बुधवार को भारत पहुंच रहा है.

दुनिया का सबसे ताकतवर फाइटर जेट (Powerful Jets in the World) माना जाने वाला राफेल विमान भारतीय वायुसेना की क्षमता को अगले स्तर पर ले जा सकता है.

 

 

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