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महिलाओं के खतने को अपराध करार देते हुए, अब गैर-मुस्लिम पी सकेंगे…

अप्रैल के महीने में महिलाओं के खतने को अपराध करार देने के बाद इसे लेकर कानून बना लिया गया है. इसके साथ ही सरकार दूसरे नए कानून भी लाई है, जिनमें गैर-मुस्लिमों को शराब पीने का अधिकार, इस्लाम त्यागने का अधिकार, महिलाओं को बिना पुरुष रिश्तेदारों के सफर करने का अधिकार दिए गए हैं. इनके बारे में जानकारी देते हुए देश के न्याय मंत्री नसरुद्दीन अब्दुलबरी ने कहा कि ऐसे सभी कानूनों को खत्म किया जा रहा है जिनसे मानवाधिकार उल्लंघन होता है.

खतना तिए जाने पर सजा देश में अब महिलाओं के खतने को अपराध करार दिया गया है और अब इसका कानून तैयार कर लिया है. अब खतना किए जाने पर तीन साल की सजा और जुर्माना हो सकता है. इतना ही नहीं जो इस प्रकिया को अंजाम देगा उसके खिलाफ भी ऐक्शन लिया जाएगा.

नए कानून के अनुसार अब गैर-मुस्लिमों को प्राइवेट में शराब पीने की इजाजत होगी. लेकिन मुस्लिमों पर अभी भी इसका प्रतिबंध लगा रहेगा. वहीं, अगर कोई गैर-मुस्लिम किसी मुस्लिम के साथ शराब पीता पकड़ा गया तो उसे सजा होगी.

सूडान में कट्टर इस्लामिक शासन अब खत्म हो चुका है. अप्रैल माह में महिलाओं के खतने (Female Genital Mutilation) को अपराध करार देने के बाद अब इसे कानून बना लिया गया है, इतना ही नहीं सरकार इसके साथ दूसरे नए कानून भी लाई है.

इन नए कानूनों में गैर-मुस्लिमों (Non-Muslim) को शराब पीने का अधिकार, इस्लाम त्यागने का अधिकार, महिलाओं को बिना पुरुष रिश्तेदारों के सफर करने का अधिकार भी अब मिल गए हैं. इस बारे में बताते हुए देश के न्याय मंत्री नसरुद्दीन अब्दुलबरी ने कहा कि ऐसे सभी कानून खत्म कर दिए गए हैं जिनसे मानवाधिकार का उल्लंघन होता है.

नए कानून के अनुसार, अब इस्लाम त्यागने पर मौत की सजा नहीं होगी. इतना ही नहीं, अब सार्वजनिक रूप से सजा देने के चलन को खत्म कर दिया गया है. इसके अलावा महिलाओं को बिना किसी पुरुष रिश्तेदार के सफर करने की इजाजत भी दे दी गई है. वहीं, नवंबर में महिलाओं को सार्वजनिक तौर पर कैसे पहनना-ओढ़ना है और व्यवहार करना है, यह तय करने वाले कानून को हटा दिया गया था.

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