अरुणाचल प्रदेश में सीएम पेमा खांडू की टीम में कौन-कौन? जिन्होंने ली मंत्रिपद की शपथ

ईटानगर:  अरुणाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए भाजपा ने 60 में से 46 सीटों पर कब्जा जमाया और राज्य में दूसरी बार सत्ता में काबिज हुई है। नई सरकार के शपथ ग्रहण के दौरान गुरुवार को भाजपा तमाम शीर्ष नेता भी मौजूद रहे। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा, सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के साथ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद और तरुण चुग भी मौजूद रहे। अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री समेत कुल 11 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है।

पेमा मंत्रिमंडल में कौन-कौन?
अरुणाचल प्रदेश के नए मंत्रिमंडल की बात की जाए, तो इसमें मुख्यमंत्री पेमा खांडू के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री चाउना मीन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पीडी सोना, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बियुराम वाहगे, पूर्व मुख्मंत्री स्व. कालिखो पुल की पत्नी दासंगलू पुल, सेप्पा वेस्ट से विधायक मामा नटुंग, पालिन विधानसभा से विधायक बालो राजा, तालिहा से विधायक न्यातो दुकम, अलोंग ईस्ट विधानसभा से विधायक केंटो जिनी, पांगिन विधानसभा से विधायक ओजिंग तासिंग, नामसंग विधानसभा से विधायक वांगकी लोवांग और कानुबारी विधानसभा से विधायक गेब्रियल डेनवांग वांगसू ने मंत्री पद की शपथ ली है।

कौन-कहां से हुआ विजयी?
राज्य में भाजपा ने 46 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की है, लेकिन इन 46 सीटों में से 10 विधानसभा सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इसमें मुक्तो सीट से मुख्यमंत्री पेमा खांडू, चौखम विधानसभा सीट से उपमुख्यमंत्री चाउना मीन, हायुलियांग सीट से पूर्व मुख्मंत्री स्व. कालिखो पुल की पत्नी दासंगलू पुल, तालिहा से निर्विरोध निर्वाचित विधायक न्यातो दुकम शामिल हैं। नामसंग विधायक वांगकी लोवांग मात्र 56 वोट से जीते, वहीं पालिन से विधायक बालो राजा ने सबसे ज्यादा 5 हजार 40 वोटों से जीत हासिल की है।

पेमा मंत्रिमंडल में एकमात्र महिला मंत्री
राज्य के गठित नए मंत्रिमंडल में जहां आठ नए चेहरों को जगह मिली है, वहीं दासंगलू पुल पूरे मंत्रिमंडल में एकमात्र महिला मंत्री हैं। फिलहाल अभी मंत्रियों में विभागों का बंटवारा नहीं किया गया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक आज पहली मंत्रिमंडल बैठक के बाद मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी कर दिया जाएगा। बता दें कि 60 विधानसभा सीट वाले उत्तर-पूर्वी राज्य में भाजपा ने 46 सीटें जीत कर लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल की है।