Wednesday , September 23 2020 19:12
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बौखलाहट में आकर चीन ने सीमा पर शुरू की फायरिंग, हालात बेकाबू , लड़ाकू विमानों ने भरी उड़ान, किसी भी वक्त…

पैन्गोंग झील के दक्षिणी छोर की थाकुंग चोटी पर 29/30 अगस्त की रात चीनी घुसपैठ नाकाम किये जाने के बाद भारत और चीन के बीच तनाव ज्यादा बढ़ा।

 

इसके बाद ब्रिगेड कमांडर स्तर पर बातचीत के जरिए मसले का हल निकालने की कोशिश की गई लेकिन लगातार 6 दिन तक की गई वार्ता नाकाम रही। इसी के बाद से लद्दाख में दोनों देशों की सेना के बीच टकराव बढ़ा।

उधर, चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के वेस्टर्न थियेटर कमान के प्रवक्ता कर्नल झांग शुइली की ओर से देर रात दिए गए बयान में कहा गया कि भारतीय सैनिकों की ओर से कथित ‘उकसावे’ की कार्रवाई की गई जिससे चीनी सैनिकों की ओर से जवाबी कार्रवाई की गई।

पीएलए प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इंडियन आर्मी ने अवैध रूप से पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे के पास शेनपाओ पहाड़ में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास को पार किया।

इंडियन आर्मी के सूत्रों ने ‘वार्निंग शॉट्स’ फायर किए जाने की पुष्टि की है। सीमा पर तैनात सैनिक तब से हाई अलर्ट पर हैं, जब से उन्होंने काला टॉप और हेल्मेट टॉप को अपने नियंत्रण में लिया है और चीनी सैनिक इन दोनों चोटियों पर नियंत्रण हासिल करने के लिए आगे बढ़ रहे थे.

जिन्हें रोकने के लिए पहले चेतावनी दी गई और न रुकने पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच गोलीबारी की घटना हुई है। हालांकि सूत्रों ने दावा किया कि स्थिति नियंत्रण में है।

इस पर भारतीय सैनिकों ने भी जवाबी फायरिंग की। चीनी सैनिकों की ओर से फिर घुसपैठ की कोशिश के चलते करीब चार दशक बाद पहली बार दोनों तरफ से फायरिं​​ग की गई है।

घटना के बाद हालात नियंत्रण में है। भारत की ओर से आधिकारिक तौर पर घटना को लेकर कोई बयान नहीं दिया गया है। उधमपुर के वायु सेना स्टेशन के एयर बेस से देर रात लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी और लद्दाख सीमा पर हवाई हलचल तेज हो गई है।

पिछले एक हफ्ते से पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच बढ़ा रहा तनाव सोमवार देर रात गोलीबारी में बदल गया।

पैंगोंग झील के दक्षिण किनारे पर चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश की थी। भारतीय सैनिकों ने चेतावनी दी लेकिन रुकने के बजाय उन्होंने फायरिंग कर दी।

 

 

 

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