चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार ने बदले नियम, जानिए सबसे पहले वरना हो जाएगे परेशान

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चारों धामों में आने वाले तीर्थयात्रियों की सीमा बढ़ा दी गई है। धर्मस्व विभाग की ओर से अपने 30 अप्रैल को किए गए आदेश में संशोधन कर दिया गया है। अब पूर्व निर्धारित संख्या में एक-एक हजार यात्रियों की संख्या बढ़ा दी गई है। यह व्यवस्था यात्रा के शुरूआती 45 दिनों के लिए लागू की गई है।

धर्मस्व विभाग की ओर से  बदरीनाथ धाम में 15 हजार, केदारनाथ धाम में 12 हजार, गंगोत्री में सात हजार और यमुनोत्री में चार हजार श्रद्धालुओं की सीमा तय की गई थी। इसका कारोबारियों, तीर्थ पुरोहितों ने विरोध किया था। इस पर सीएम पुष्कर धामी की ओर से तीन मई को गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के समय आश्वासन दिया गया था कि इसमें संशोधन होगा।

इसे लेकर मंगलवार को सीएम और मुख्य सचिव के बीच वार्ता हुई। सीएम ने संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके बाद देर शाम संख्या बढ़ाने का आदेश जारी हुआ। नए आदेश के अनुसार अब बदरीनाथ धाम में 16 हजार, केदारनाथ में 13 हजार, गंगोत्री में आठ हजार व यमुनोत्री धाम में रोज पांच हजार यात्री दर्शन कर सकेंगे। अपर सचिव धर्मस्व रणवीर सिंह चौहान ने आदेश जारी किए जाने की पुष्टि की।

चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की मौतों पर पीएमओ ने भी राज्य से रिपोर्ट मांगी। देर शाम स्वास्थ्य विभाग ने इसका पूरा अपडेट केंद्र को भेज दिया। आज हेल्थ एडवायजरी भी पीएमओ की सक्रियता बाद ही जारी हुई।

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया। यात्रियों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।

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