अंत्योदय योजना के तहत रियायती राशन ले रहे लोगों के खिलाफ सरकार ने चलाया ये अभियान , 31 मई तक करना होगा…

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अपात्र होने के बावजूद राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना और अंत्योदय योजना के तहत रियायती राशन ले रहे लोगों के खिलाफ सरकार अभियान चला रही है। 31 मई तक लोगों को स्वत: कार्ड सरेंडर कराने को कहा  गया है। अब तक 1618 लोगों ने अपने राशन कार्ड जमा करवा दिए हैं।

लेकिन जितने लोगों ने राशन कार्ड जमा करवाए हैं, उनसे छह गुना ज्यादा लोग राशन कार्ड बनवाने के लिए कतार में खड़े हैं। आपके अपने अखबार ने शुक्रवार को प्रदेश में राशन कार्ड सरेंडर करने की स्थिति की पड़ताल की तो यह तस्वीर सामने आई। एक मई से राज्य में राशन कार्ड का स्वैच्छिक सत्यापन कार्य जारी है। एक जून से सरकारी स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया जाना है।

इसमें अपात्र के खिलाफ एफआईआर और रिकवरी का प्रावधान किया गया है। अब तक आई तस्वीर के अनुसार लोग राशन कार्ड तो सरेंडर करवा रहे हैं, लेकिन साथ ही नए कार्ड बनवाने के आवेदनों का अंबार भी लग रहा है। सरकार के सामने पुराने राशन कार्ड को निरस्त करने से ज्यादा नए कार्ड बनाने की चुनौती होगी।

अब तक सबसे ज्यादा राशन कार्ड यूएसनगर, देहरादून, पिथाौरागढ़, अल्मोड़ा और चंपावत में सरेंडर कराए गए हैं।  नए राशन कार्ड के लिए देहरादून, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और अल्मोड़ा में सबसे ज्यादा आवेदन  आए हैं।

गढ़वाल मंडल
जिला    सरेंडर    नए आवेदन

देहरादून    203    851
पौड़ी    77    00
रुद्रप्रयाग    25    1200
हरिद्वार    25    00
टिहरी    12    98
उत्तरकाशी    29    00

कुमाऊं मंडल
जिला     सरेंडर    नए आवेदन

नैनीताल    155    6000
पिथौरागढ़    209    00
चंपावत    23    00
बागेश्वर    16    00
अल्मोड़ा    250    1400
यूएसनगर    594    00

जो लोग अंत्योदय और एनएफएसए योजना से अपात्र होंगे, उन्हें राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के दायरे में लाया जाएगा। राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत सालाना पांच लाख रुपये तक की आमदनी वाले लोग पात्र हैं। एक जून से सत्यापन अभियान कड़ाई से चलाया जाएगा।

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