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खांसी को झट से दूर करने के लिए करे ये उपाय

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खांसी के साथ अगर खून आने लगे तो चिकित्सक के पास तुरंत जाना चाहिए क्योंकि यह हीमोप्टाइसिस नामक बीमारी का इशारा है.

यह एक गंभीर स्थिति का इशारा होने कि सम्भावना है. www.myupchar.com से जुड़े एम्स के डाक्टर केएम नाधीर के अनुसार, ज्यादातर मामलों में वायरस के कारण खांसी होती है  साधारण खांसी बिना उपचार के ही अच्छा भी हो जाती है, लेकिन खांसी में खून आना, वो स्थिति है, जिसमें तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है. खांसी में खून आना फेफड़ों के कैंसर का सबसे बड़ा इशारा होता है.

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हीमोप्टाइसिस  इसके कारण
जब बलगम या खांसते अथवा थूकते समय खून आता है तो यह हीमोप्टाइसिस बीमारी हो सकती है. ऐसा कई कारणों से होने कि सम्भावना है जैसे संक्रमण, ब्रोंकाइटिस  अस्थमा. युवावस्था या स्वस्थ्य आदमी में कभी-कभार ऐसा होना स्वाभाविक है, लेकिन यदि खांसी के साथ लगातार ब्लड आ रहा है  अधिक मात्रा में आ रहा है तो यह चिंताजनक है. यह फेफड़े या पेट की किसी बीमारी का इशारा है. खांसी को जल्द ही गंभीरता से लेने की आवश्यकता है क्योंकि इससे जुड़ी बीमारियों की लिस्ट लंबी है-
लम्बी या गंभीर खांसी: लगातार खांसी का प्रभाव ऊपरी सांस नली (अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट) पर पड़ता है  रक्त वाहिकाओं के फटने के कारण खून आता है.
ब्रोंकाइटिस: बलगम के कारण हवा को फेफड़ों तक ले जाने वाली नली में सूजन आ जाती है. इस स्थिति को ब्रोंकाइटिस कहते हैं. इसके खांसते समय कफ निकलता है.
लगातार ब्रोंकाइटिस बना रहे तो खांसी के साथ खून आने लगता है.
ब्रोन्किइक्टेसिस: ब्रोन्किइक्टेसिस के कारण भी खांसी में खून आता है. फेफड़ों के वायु मार्ग के कुछ हिस्सों के स्थायी रूप से फैलने के कारण यह स्थिति बनती है. इसके कारण संक्रमण, सांस की तकलीफ  घरघराहट होती है.
क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी): सीओपीडी यानी फेफड़ों तक आने-जाने वाली वायु के मार्ग में अवरोध. इसके कारण खांसी बनी रहती है, सांस लेने में परेशानी  घरघराहट होती है.

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