WHO ने इसलिए जाहिर की चिंता, बेहद खतरनाक है ओमिक्रॉन

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सार्स-कोव-2 की वंशावली के नये वायरस बी.1.1.1.529, जिसके बारे में माना जाता है कि यह दक्षिणी अफ्रीका में उभरा है, को ओमिक्रॉन के नाम के साथ वायरस के चिंतित कर देने वाले एक प्रकार (वीओसी) के रूप में नामित किया है। इस निर्णय ने वैश्विक स्तर पर महामारी प्रबंधन में प्राथमिकताओं में व्यापक बदलाव की शुरुआत कर दी है।

 

डब्ल्यूएचओ ने अन्य बातों के अलावा, निगरानी बढ़ाने की सिफारिश की है, विशेष रूप से वायरस जीनोम अनुक्रमण; इस संस्करण से उत्पन्न खतरों को समझने के लिए केंद्रित अनुसंधान; और शमन उपायों को तेज करना, जैसे मास्क अनिवार्य रूप से पहनना। ब्रिटेन और कई अन्य देशों में अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर पहले से ही अधिक प्रतिबंध लागू हो चुके हैं। दरअसल, जापान ने सभी विदेशी पर्यटकों के लिए अपनी सीमाएं बंद कर दी हैं।

वायरस के इस संस्करण को वीओसी घोषित करने में जो तेजी दिखाई गई है, वह हैरान करने वाली है। बोत्सवाना और दक्षिण अफ्रीका में इस वायरस के पहले ज्ञात संक्रमण के बाद से दो सप्ताह से थोड़ा अधिक समय ही बीता है। इसकी तुलना डेल्टा संस्करण से करें जो वर्तमान में यूरोप और दुनिया के कई अन्य हिस्सों में सक्रिय है। इस संस्करण का पहला मामला भारत में अक्टूबर 2020 में सामने आया था, लेकिन देश में (साथ ही अन्य कई देशों में) मामलों में जबरदस्त उछाल के बावजूद, इसे वीओसी का दर्जा मिलने में कम से कम छह महीने का समय लगा था।

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