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इराक में सरकार के खिलाफ इन मांगो को लेकर प्रदर्शन कर रही जनता, हिंसा में नौ लोगों की मौत

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इराक में सरकार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों में सुरक्षाबलों के बल प्रयोग से हिंसा भड़क गई. राजधानी बगदाद में हुई हिंसा के बाद ये प्रदर्शन पूरे देश में फैल गए. वहां नौ लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के घायल होने की खबर है.इराक में सरकार के खिलाफ अलग अलग मांगों को लेकर हो रहे प्रदर्शनों में नौ लोगों की मौत हो गई. सुरक्षाबलों ने 2 अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर गोलियां और आंसू गैस के गोले दागे. प्रदर्शनकारी सरकारी सेवाओं में सुधार, भ्रष्टाचार को रोकने और नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. दो दिन से चल रहे प्रदर्शनों में नौ लोग मारे गए हैं. इनमें 1 अक्टूबर को बगदाद और नसीरिया में एक-एक और 2 अक्टूबर को सात लोग मारे गए थे. दो दिनों में 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. गिरती अर्थव्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शनों की आशंका के चलते सरकार ने पहले ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. सरकार ने इंटरनेट भी बंद कर दिया था. इस सबके बावजूद प्रदर्शनकारी सड़कों पर निकल कर आए.

बड़ी संख्या में सड़कों पर निकले प्रदर्शनकारी सरकार से इस्तीफा देने की मांग कर रहे थे. बगदाद में प्रदर्शनकारियों ने टायर और कचरा जलाया जिससे शहर में धुआ छा गया. बगदाद में गोलियां चलने की आवाज सुनाई दे रही थी. 1 अक्टूबर को बगदाद में हुए प्रदर्शन देश के दूसरे राज्यों में भी फैल गए.

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बगदाद के अलावा बसरा, नजफ, नसीरिया, वसेत, दिवानिया शहरों में भी प्रदर्शन हुए. इन प्रदर्शनों के हिंसक होने के बाद पिछले दो दशक से राजनीतिक अस्थिरता झेल रहे इराक में फिर से हालात खराब होने के आसार लगाए जा रहे हैं. ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव की वजह से पड़ोसी देश इराक में अमेरिकी फौज भी सक्रिय है. बगदाद में फिलहाल हजारों की संख्या में अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं.

बगदाद के अमेरिकी दूतावास ने बयान जारी कर कहा है कि कोई भी अमेरिकी सैनिक इन प्रदर्शनों में घायल नहीं हुआ है. अमेरिकी दूतावास ने कहा, “किसी भी लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना एक अधिकार है. लेकिन ऐसे प्रदर्शनों में किसी भी तरफ से हिंसा की कोई जगह नहीं है. दोनों पक्षों को शांति बनाए रखनी चाहिए.” इराक में हुए इन प्रदर्शनों की भूमिका सोशल मीडिया पर बनी.

सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों ने 1 अक्टूबर को तहरीर चौक पर इकट्ठा होना तय किया. प्रदर्शनों की वजह देश की खराब होती अर्थव्यवस्था, नौकरियों की कमी और सरकारी भ्रष्टाचार थे. तहरीर चौक पर जमा होते इन प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षाबलों ने वॉटर कैनन, आंसू गैस और हथियारों का इस्तेमाल किया. प्रदर्शनकारियों ने इस बल प्रयोग का जवाब दिया और सुरक्षाबलों पर पत्थर फेंके. वहां रखे कचरापात्रों में आग लगा दी और सरकार से इस्तीफा देने की मांग करने लगे.

इस टकराव में दो प्रदर्शनकारी मारे गए और सैकड़ों घायल हो गए. 2 अक्टूबर को कुछ प्रदर्शनकारी फिर से इकट्ठा हुए. इन प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए सुरक्षाबलों ने फिर से बल प्रयोग किया. कुछ प्रदर्शनकारियों को मुताबिक सुरक्षाबलों ने पीछा कर उन्हें मारने की कोशिश की.

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