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दुनिया के दो बेहद ताकतवर मुल्कों के बीच किसी भी वक्त हो सकता है जंग का ऐलान , खींच गयी ये लाइन…

ईरान के पास एक ऐसा ही विनाशक हथियार एंटी बैलास्टिक मिसाइल सिस्टम है। इस मिसाइल सिस्टम की सबसे खास बात ये है कि ये जमीन से आसमान के हर दुश्मन का सर्वनाश करने का माद्दा रखता है।

 

इस मायने में ये अपने आप में सबसे बड़ा अजूबा ही है कि इसके जरिए जमीन से आसमान में उड़ने वाले फाइटर प्लेन को भी आसानी से निशाना बनाया जा सकता है।

इतना ही नहीं, ये किसी भी तरह के हेलिकॉप्टर को भी आसानी से मार गिराने सक्षम है। हजारों फीट उपर उड़ने वाले दुश्मन के ड्रोन भी इसके अचूक वार से नहीं बच सकते। साथ ही साथ ये किसी भी तरह के मिसाइल को भी हवा में ही नष्ट करने की क्षमता रखता है।

रुहानी ने अपनी आर्मी के इस वॉर एक्सरसाइज का नाम जुल्फिकार-99 दिया है। मिशन जुल्फिकार का सबसे बड़ा मकसद खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और इजरायल की ताकत के सामने अपने उस पूरे दमखम की नुमाइश करना है, जिसे देखकर दुश्मनों का सीना डर से दहल उठे।

ईरान की समुद्री सीमा से लगे होर्मूज स्ट्रेट में ईरान की नेवी ने डेरा डाल रखा है। जबकि ओमान की खाड़ी के ऊपर रुहानी के एयरफोर्स का जमावड़ा है।

मकरान के तट पर ईरान की आर्मी आग उगल रही है यानि पूरे के पूरे उत्तरी हिंद महासागर में ईरान भीषण युद्ध की तैयारी कर रहा है। यह वॉर एक्सरसाइज कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा इस बात से लगाइए कि इसका दायरा करीब 20 लाख वर्ग किलोमीटर तक फैला है।

अमेरिका और इजरायल के साथ दिन-ब-दिन तल्ख होते अपने रिश्तों के बीच ईरान ने अपनी सबसे बड़ा वॉर एक्सरसाइज शुरू कर दी है। तीन दिनों तक चलने वाले इस भीषण युद्धाभ्यास में ईरान की तीनों सेनाएं हिस्सा ले रही हैं। रुहानी की आर्मी की ये वॉर एक्सरसाइज इतनी बड़ी है कि इसे तीसरे विश्वयुद्ध का ट्रेलर तक कहा जा रहा है।

दुनिया के दो बेहद ताकतवर मुल्कों के बीच किसी भी वक्त जंग का ऐलान हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो इसमें शक की जरा सभी भी कोई गुंजाइश नहीं कि हिंद महासागर का नीला पानी करोड़ों लोगों के खून से लाल हो जाएगा। ईरान के मिशन जुल्फिकार-99 ने समंदर में तीसरे वर्ल्ड वॉर की लाइन खींच दी है।

 

 

 

 

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