Wednesday , September 23 2020 2:10
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सुशांत की मौत का खुला ये बड़ा राज, बेल्ट से बना गले का…

सुशांत के आत्महत्या से जुड़े अन्य पहलुओं पर बात करते हुए डॉक्टर मिश्रा ने कहा, ‘न जीभ बाहर आ रही है. न लार आ रही है. लेकिन डॉक्टर को दिख गया है. फेसल मैटर (स्मॉल इंटेसटाइन में बचे ठोस पदार्थ) का बाहर निकलना हैंगिंग या गला घोंटने से बाहर आ सकता है. जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट है वह भी मेल नहीं खाती है.’

 

डॉक्टर मिश्रा ने एक महत्वपूर्ण बिंदु पर ध्यान दिलाते हुए कहा, ‘डेथ के तुरंत बाद सलाइवा फोटो में नहीं दिखता. लेकिन डॉक्टर को सलाइवा दिखा है और उन्होंने लिख दिया है. लेकिन फोटो में लार दिख नहीं रही है. डेथ के बाद की फोटो में लार या सलाइवा नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘मैंने जितना देखा है उसमें यह हॉरिजेंटल फॉर्म दिख रहा है. ऐसा कपड़े से हो नहीं सकता है. बोर्ड ऑफ डॉक्टर ने गला 49 CM बताया है, लेकिन नॉर्मली नेक 37 से 40 इंच से ज्यादा नहीं मोटा होता. अगर कोई पहलवान है उसका भी 40-41 से ज्यादा नेक नहीं होता.’

डॉक्टर मिश्रा ने कहा कि ‘शरीर पर डॉट नहीं प्रेशर मार्क है जो गांठ के चलते होता है. इस वजह इसे पूरी तरह से हैंगिंग नहीं मान सकते हैं. ये प्रेशर मार्क अलग है. कपड़े से किसी हालत में हैंगिंग नहीं हो सकती. कपड़े में चौड़ाई वैरिएबल होता है, लेकिंन यहां क्लियर होता है. ऐसा मार्क बेल्ट से आता है.’ :

अब तक 12 हजार से ज्यादा शवों के पोस्टमार्टम कर चुके डॉक्टर बीएन मिश्रा ने सुशांत की आत्महत्या के मामले पर अहम जानकारियां दीं और कई सवाल भी उठाए. डॉक्टर मिश्रा ने सुसाइड की थ्योरी पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘सुशांत की गला घोंट कर भी हत्या किए जाने की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता है…’

डॉ. मिश्रा ने कहा, ‘मैंने ये फोटोग्राफ पहले देखे हैं. डॉक्टर ने हैंगिंग बताया है. लेकिन ये जल्दबाजी है. मार्क बैंड फॉर्म में है जो हैंगिंग में नहीं होता. हैंगिंग में U शेप, V शेप हो सकता है. लेकिन यहां अलग है. यह हैंगिंग तो दिख नहीं रहा है. इसे स्ट्रैंगयुलेशन यानी गला घोंटना माना जा सकता है.’

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के कथित आत्महत्या के मामले की जांच में तीन-तीन केंद्रीय जांच एजेंसियां लगी हुई हैं.

प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और एनसीबी इस मामले के अलग-अलग एंगल्स से जांच कर रही हैं. इस बाबत Nesws18 ने डीडीयू अस्पताल के फॉरेंसिक मेडिसिन डिपार्टमेंट के एचओडी डॉक्टर बीएन मिश्रा से बात की.

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