Wednesday , September 23 2020 0:58
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चीन पर हो सकता हमला, NASA ने शुरू की ये खतरनाक तैयारी, बनाया…

आपको बता दें कि चांद से लाने वाले मिट्टी और अन्य खनिजों का इस्तेमाल NASA स्पेश मिशन को और अधिक सफल बनाने में भी करेगा। NASA भविष्य के स्पेस मिशन के लिए स्थानीय मटीरियल का उपयोग करना चाहता है, इससे उसे उक्त वातावरण के साथ चांद की स्थानीय सामग्री का साथ मिलेगा तो मिशन की कामयाबी के अवसर और बढ़ जाएंगे।

 

ये NASA के उन टारगेटों का अंग है जिसे ब्रिडेनस्टीन अंतरिक्ष में ‘नॉर्म्स ऑफ बिहेवियर’ कहते हैं। NASA की इस योजना के जरिए चंद्रमा पर निजी उत्खनन को अनुमति मिलेगी।

ऐसे में भविष्य में अंतरिक्ष यात्रा संबंधी अभियानों में स्पेस एजेंसीज को बहुत सहायता मिलेगी। यही कारण है कि चांद से मिट्टी सहित अन्य खनिजों को खरीदने के लिए NASA कुछ कम्पनियों की तलाश में जुटा है।

नैशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन NASA चांद से मिट्टी खरीदने की तैयारी कर रही है। दरअसल NASA आकाशगंगा संबंधी अपनी जानने की इच्छाओं को लेकर एक कानूनी रूप देने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए वो चांद की मिट्टी, चट्टान और कुछ एवं आवश्यक खनित खरीदना चाहता है।

चीन ने कहा है कि उसने अमेरिका के आंतरिक मामलों में कभी हस्तक्षेप नहीं किया है और अमेरिका को भी ऐसा नहीं करना चाहिए। चीनी के विदेश मंत्री वांग यी ने शुक्रवार को रुसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ वार्ता के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चीन ने अन्य देशों के आंतरिक मामलों में कभी हस्तक्षेप नहीं किया है और निश्चित रुप से उसने अमेरिका के आंतरिक मामलों में कभी दखल नहीं दिया है।

उन्होंने कहा कि यह चीन की कूटनीतिक परंपरा और मामलों को संभालने का अपना तरीका है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय संबंधों का मूलभूत सिद्धांत भी है। श्री वांग ने कहा कि अब समय आ गया है कि चीन अमेरिका से अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने के लिए कहे।

विदेश मंत्री ने कहा कि चीन की शीर्ष विधायिका नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने कभी भी अमेरिका के आंतरिक मामलों पर चर्चा नहीं की और न ही कोई विधेयक पेश किया, लेकिन अमेरिकी कांग्रेस चीन के आंतरिक मामलों पर लगातार विधेयक पेश कर रही है। अमेरिका इस मामले में बहुत आगे चला गया है।

श्री वांग ने कहा कि अमेरिका में कुछ लोगों को अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मानदंडों का पालन करते हुए पहले अपने मामलों का प्रबंधन करना चाहिए औरर अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करना चाहिए।

 

 

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