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नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि आर्थिक व सामाजिक विकास केवल तभी संभव है, जब कानून का शासन स्थापित हो। यह बात राष्ट्रपति ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के प्रशिक्षुओं के एक समूह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने, न्याय सुनिश्चित करने और नागरिक अधिकारों की रक्षा किए बिना प्रगति एक अर्थहीन शब्द बन जाता है।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर राष्ट्रपति ने कहा कि यह एक गंभीर समस्या है, जिसकी एक बीमार मानसिकता के साथ-साथ घृणित सामाजिक पूर्वाग्रहों में गहरी जड़ें हैं। यह सबसे पहले एक अपराध है। इसलिए, इससे लड़ने के लिए कई स्तरों पर कार्रवाई की आवश्यकता होती है। लेकिन पहली प्रतिक्रिया पुलिस बल की ओर से आती है।
कानून का शासन आधुनिक राज्य की आधारशिला
उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को पीड़ित के साथ संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ काम करना चाहिए। उनसे न्याय सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी के प्रति अधिक प्रतिबद्धता की अपेक्षा की जाती है। राष्ट्रपति ने कहा कि कानून और व्यवस्था केवल शासन की नींव नहीं बल्कि, आधुनिक राज्य की आधारशिला भी है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे कुशल, संवेदनशील और निर्भीक हों।