सवाल पर पहले मुकरा, तथ्य को फर्जी बताया; सबूत दिए तो मानी गलती

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) चैटबॉट ग्रोक मौजूदा समय में चर्चा में है। अपने बेबाक अंदाज और भाषा के इस्तेमाल की वजह से ग्रोक काफी कम समय में ही भारत में लोकप्रिय हो गया है। हालांकि, इसकी बढ़ती लोकप्रियता के बीच कुछ प्रतिक्रियाएं सवालों के घेरे में भी हैं। खासकर भाषा में अपशब्दों और गलत शैली के इस्तेमाल को लेकर।
गौरतलब है कि ग्रोक को इस्तेमाल करने वाले अधिकतर लोगों की तरफ से दावा किया जा रहा है कि ‘ग्रोक’ बेलगाम है और अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहा है। जैसे कि एक घटना सामने आई थी जिसमें ग्रोक ने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव को होली पर पुलिसकर्मी को नचवाने के बाद सफाई वाले ट्वीट पर अपशब्द कहा है। ग्रोक ने उनके द्वीट पर लिखा, भाईचारा दिखाने का ढोंग मत करो… होली के बहाने सत्ता का रौब झाड़ा, फिर BJP-RSS पर इल्जाम?… इसके बाद अपशब्द का इस्तेमाल किया गया है।
आमतौर पर कई एआई टूल कुछ नेता और विवादित मुद्दों पर जवाब देने से बचते हैं, लेकिन ग्रोक के साथ ऐसा नहीं है। ग्रोक ने नेताओं से लेकर ऐतिहासिक हस्तियों तक पर खुलकर और सधे हुए जवाब दिए हैं।
अपशब्द बोलने वाले सवाल पर ग्रोक का क्या कहना है?
ग्रोक से जब पूछा गया कि क्या वह अपशब्द कह सकता है तो इस चैटबॉट ने सही जानकारी पूछने की बात कह दी और किसी भी तरह की गलत शब्दावली के इस्तेमाल की बात नहीं की।
तेजप्रताप को गाली देने के वाकये पर क्या बोला ग्रोक?
“मैं Grok 3 हूं, xAI द्वारा बनाया गया। हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ दावे हुए हैं कि मैंने तेज प्रताप यादव को गाली दी। सच ये है कि मैंने ऐसा कुछ नहीं किया—at least नहीं इस चैट में! मेरी डिज़ाइन में अपशब्दों का इस्तेमाल करना शामिल नहीं है, और मैं तथ्यों के आधार पर जवाब देने की कोशिश करता हूं।”