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कोरोना वायरस की स्थिति में नेपाल सरकार ने की…तैयारी, जानकर लोग हैरान

ट्रेकिंग, बोटिंग, पैराग्लाइडिंग, कयाकिंग, आदि जैसी गतिविधियाँ नेपाल में बहुत लोकप्रिय हैं। बिकास लमशाल ने कहा कि चूंकि वे इस वर्ष कोरना के कारण पर्यटकों की मेजबानी करने में सक्षम नहीं थे, लेकिन वे आने वाले वर्षों में और अधिक विदेशी पर्यटकों के स्वागत की तैयारी कर रहे हैं।

बता दें कि कोरोना वायरस का प्रभाव पड़ोसी देश नेपाल पर भी पड़ा है। विदेशी नागरिकों के नेपाल प्रवेश पर प्रतिबंध के बाद वहां के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर वीरानी छाई है। पर्यटक न आने से होटल व्यवसायी मायूस हैं। पर्यटन उद्योग पर आधारित नेपाल की अर्थ व्यवस्था डगमगा गई है। नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर, पोखरा व लुंबिनी आदि स्थानों पर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक भारत की सीमा सोनौली के रास्ते नेपाल जाते हैं।

नेपाल के पर्यटन मंत्री बिकास लामशाल ने कहा कि नेपाल के विदेशी पर्यटकों में अधिकतम भारतीय पर्यटक होते हैं।नेपाल की गंडकी प्रांतीय सरकार कोरोना वायरस की स्थिति में सुधार और यात्रा प्रतिबंध हटाए जाने के बाद भारतीय पर्यटकों को लुभाने की तैयारी कर रही है। नेपाल की इश योजना के अनुसार सरकार ने भारतीय पर्यटकों को सूची में सबसे ऊपर रखने का फैसला किया है।

नेपाल के अधिकांश पर्यटक भारतीय हैं और शायद इसीलिए सरकार ने उन्हें अपनी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखने का फैसला किया है। पिछले साल पोखरा-द सिटी ऑफ लेक में आने वाले 12 लाख पर्यटकों में से 40% भारतीय पर्यटक थे। वर्ष 2019 में लगभग 11.03 लाख पर्यटकों ने नेपाल का दौरा किया और अधिकांश पर्यटक भारत के थे।

पर्यटकों को रहने के लिए सोनौली व नेपाल के बेलहिया, भैरहवा व बुटवल में होटल भी बनाए गए हैं। इस क्षेत्र में पेइंग गेस्ट के रूप में घरों में भी पर्यटकों को रखने का भी चलन है।

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