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अरुणाचल प्रदेश से लापता पांच लोगों का चीन ने किया ये हाल, बना डाला…

अरुणाचल प्रदेश के दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में ग्रामीण हमेशा पैदल ही जाने पर मजबूर होते हैं, क्योंकि वहां कोई उचित सड़क नहीं है. अरुणाचल प्रदेश की चीन के साथ 1,080 किलोमीटर की सीमा लगती है. प्रदेश की म्यांमार के साथ 520 किलोमीटर और भूटान के साथ 217 किलोमीटर की सीमा लगती है.

 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लापता लोगों में टोच सिंगकम, प्रसाद रिंगलिंग, डोंगटू इबिया, तनु बेकर और नार्गु डिरी शामिल हैं. ये सभी तागिन समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. यह लोग जंगल में गए थे. दो अन्य ग्रामीण, जो अपहरित व्यक्तियों के साथ गए थे और किसी तरह भागने में कामयाब रहे, उन्होंने लोगों को घटना के बारे में बताया.

भारत-चीन सीमा ऊपरी सुबासिरी जिले के मुख्यालय दापोरिजो से लगभग 170 किलोमीटर दूर है, जो राज्य की राजधानी ईटानगर से 280 किलोमीटर दूर है.

मालूम हो कि पिछले हफ्ते शनिवार को एक प्रमुख स्थानीय अखबार ने एक रिपोर्ट छापी जिसमें दावा किया गया कि तागिन समुदाय के 5 लोगों, जो कि नाचो शहर के पास एक गांव के रहने वाले हैं, का अपहरण कर ल‍िया गया है.

इससे पहले 8 सितंबर को किरण रिजिजू ने ट्वीट करके कहा कि ‘चीन के पीएलए ने भारतीय सेना द्वारा भेजे गए हॉटलाइन संदेश का जवाब दिया है. उन्होंने पुष्टि की है कि अरुणाचल प्रदेश से लापता हुए युवक उनकी तरफ मिल गए हैं. उन लोगों को हमारे अधिकार को सौंपने के अन्य तरीकों पर काम किया जा रहा है.’

रिजिजू ने शुक्रवार को ट्वीट करते हुए लिखा था, “चीन के पीएलए ने भारतीय सेना से इस बात की पुष्टि की है कि अरुणाचल के पांचों युवकों को भारत के हवाले कर दिया जाएगा. युवकों को कल (शनिवार 12 सितंबर) को कभी भी तय स्थान पर भारत को सौंपा जा सकता है.”

अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) से लापता हुए पांच लोगों को चीन आज भारत को सौंप देगा. केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू ने शुक्रवार को कहा था कि चीन शनिवार को अरुणाचल प्रदेश के पांच युवकों को भारत सरकार को सौंप देगा.

ये युवक इस महीने की शुरुआत में भूलवश चीनी सीमा में प्रवेश कर गए थे. पांचों युवक 2 सितंबर से लापता थे. बाद में पता चला कि वे गलती से चीनी सीमा में प्रवेश कर गए हैं.

 

 

 

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