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देहरादून राज्य के बिजली उपभोक्ताओं पर एक बार फिर महंगाई की मार, ये है नया प्रस्ताव

देहरादून राज्य के बिजली उपभोक्ताओं पर एक बार फिर महंगाई की बिजली गिरने वाली है। ऊर्जा निगम ने बिजली बिलों में 6.62 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव विद्युत नियामक आयोग को भेज दिया है। निगम ये वसूली इसी साल अप्रैल 2019 से कराने का दबाव आयोग पर बना रहा है। ऊर्जा निगम ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि, उसे 4.23 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदनी पड़ी।

जबकि आयोग ने 3.94 रुपये प्रति यूनिट की दर से ही बिजली खरीदने को मंजूरी दी थी। ऐसे में निगम पर 254.54 करोड़ रुपये का भार पड़ा। इस अतिरिक्त भार की उपभोक्ताओं से वसूली की मंजूरी निगम ने नियामक आयोग से मांगी है।

150 रुपये तक बढ़ जाएगा बिल
बिल में 6.62 प्रतिशत की वृद्धि पर प्रति यूनिट खर्च 30 पैसे बढ़ जाएगा। ऐसे में बिजली की खपत दो महीने की 500 यूनिट होने पर बिल में 150 रुपये का इजाफा होगा। यदि वृद्धि 3.86 प्रतिशत होती है, तो प्रति यूनिट खर्च 20 पैसे बढ़ेगा। ऐसे में 500 यूनिट पर बिल में 100 रुपये का इजाफा होगा।

एक अप्रैल 2019 से वसूली की इजाजत मांगी
निगम ने आयोग से कहा है कि, उसे एक अप्रैल 2019 से 3.86 प्रतिशत वसूली की मंजूरी दी जाए। यदि ये मंजूरी नहीं दी जाती, तो दूसरा प्रस्ताव एक सितंबर 2019 से 6.62 प्रतिशत की दर से वसूली का है।

तीसरी बार बिल बढ़ाने की तैयारी
अप्रैल 2019 में नियामक आयोग ने 3.47 प्रतिशत का इजाफा बिलों में किया था। इसके जून 2019 में फ्यूल चार्ज एडजेस्टमेंट के नाम पर फिर 18 पैसे प्रति यूनिट बिजली तीन महीने के लिए बढ़ा दी। अब पावर परचेज सरचार्ज के नाम पर दर बढ़ाने की तैयारी है।

प्रस्ताव पर यहां भेज सकते हैं आपत्ति
हर तीसरे महीने बिजली बिल बढ़ाने के प्रस्ताव पर नियामक आयोग ने आपत्ति दर्ज करने का समय दिया है। 14 अक्तूबर तक डाक सचिव उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग, विद्युत नियामक भवन निकट आईएसबीटी देहरादून में आपत्ति भेज सकते हैं। ऊर्जा निगम की असल बिजली खरीद लागत 4.23 रुपये प्रति यूनिट आई। जबकि आयोग ने 3.94 रुपये प्रति यूनिट ही मंजूर की। इससे ऊर्जा निगम पर 254.54 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ा है। इस वित्तीय भार को इसी वित्तीय वर्ष में समायोजित किए जाने को आयोग से अपील की गई है।

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