देवस्थानम बोर्ड भंग पर बोली कांग्रेस, कहा सत्ता के अहंकार में डूबी सरकार

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देवस्थानम बोर्ड को भंग करने के फैसले को कांग्रेस ने जनमानस की जीत करार दिया। साथ ही सरकार पर सवाल उठाए। कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी सरकार का अहंकार को जनता के संघर्ष के आगे चकनाचूर हो गया है।

मंगलवार सुबह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि यह जनता की जीत है। तीर्थपुरोहितों के संघर्ष की जीत है। कांग्रेस पहले दिन से ही इस बोर्ड के गठन का विरोध कर रही थी।

गोदियाल ने कहा कि यह माना जाए कि सरकार ने जनभावनाओं के आधार पर फैसला वापस लिया है। बल्कि हकीकत तो यह है कि भाजपा ने चुनावों के डर से यह फैसला किया है। जनता सब समझती है। यह सत्ता का अंहकार चकनाचूर हुआ है। सभी तीर्थ पुरोहितों को उनके संघर्ष की जीत है। कांग्रेस सदैव जनता और राज्यहित से जुड़े मुददों पर संघर्षरत रहेगी।

नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि जिस वक्त विधानसभा में देवस्थानम बोर्ड का बिल जाया जा रहा था, कांग्रेस ने तब भी विरोध किया था। सरकार को आगाह किया था कि वो तीर्थपुरोहित पर मनमानी न थोपे।

तीर्थ स्थलों से जुड़े सभी पक्षों से राय लेने के बाद ही कोई निर्णय ले। लेकिन प्रचंड बहुमत के अहंकार में डूबी सरकार ने किसी की न सुनी। आज बोर्ड को भंग करने के फैसले को ऐतिहासिक बनाया जा रहा है। तो इस बोर्ड को बनाने के फैसले को क्या माना जाए?

प्रीतम ने कहा कि यह रोलबैक की सरकार है और केवल चुनावों की वजह से ही आज बोर्ड को भंग करने का निर्णय किया गया है। जनता भाजपा की असलियत जान चुके हैं। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि भाजपा सरकार के देवस्थानम कानून व बोर्ड के निर्णय के खिलाफ पिछले दो वर्षों से चले आ रहे आन्दोलन का सुखद नतीजा निकला।

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