जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद, मोदी सरकार का एक और बड़ा कदम

जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने के बाद केंद्र की मोदी सरकार अब एक और बड़ा फैसला लेन जा रही है। सरकार दो केंद्र शासित प्रदेशों दमन एंड दीव और दादर एंड नागर हवेली को मिलाकर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाने की योजना कर रही है।

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने लोकसभा में कहा था कि इस संबंध में अगले हफ्ते एक बिल संसद में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दादरा एंड नागर हवेली और दमन एंड दीव (मर्जर ऑफ यूनियन टेरिटेरीज) बिल 2019 अगले हफ्ते के लिए प्रस्तावित सरकारी कामकाज का हिस्सा है।

अधिकारियों ने कहा है कि गुजरात के नजदीक पश्चिमी तट पर स्थित इन दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के आपस में विलय से बेहतर प्रशासन मिल सकेगा और कार्यों का दोहराव रोका जा सकेगा. दादरा एंड नागर हवेली में एक जबकि दमन एंड दीव में 2 जिले हैं।

महज 35 किलोमीटर दूर स्थित दोनों राज्यों के अपने सचिवालय हैं और अलग-अलग बजट। महज एक जिले वाले दादरा और नागर हवेली और दो जिलों वाले दमन और दीव के विलय से प्रशासनिक खर्चों में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। पुनर्गठित केंद्र शासित प्रदेश को दादरा नागर हवेली, दमन और दीव नाम दिए जाने और दमन और दीव को इसका मुख्यालय बनाए जाने की संभावना है।

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद इनकी संख्या बढ़कर नौ हो गई थी। अब जब दो केंद्र शासित प्रदेशों का मर्जर होगा, केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या एक घटकर 8 हो जाएगी। बता दें कि इसी साल अगस्त महीने में मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए जम्मू कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने के साथ ही 5 अगस्त को संसद में जम्मू कश्मीर राज्य पुनर्गठन बिल पेश किया था।