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देहरादून हरिद्वार बाइपास पर आवासीय क्षेत्र के पास कूड़ा डंपिंग जोन की समस्या का हुआ ये समाधान

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देहरादून हरिद्वार बाइपास पर आवासीय क्षेत्र व राधा स्वामी सत्संग भवन के पास कूड़ा डंपिंग जोन को लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध जताना शुरू कर दिया है। पिछले पौने दो साल से शहर का कूड़ा एकत्र कर नगर निगम की ओर से यहां डाला जा रहा। मौजूदा समय में स्थिति इतनी बुरी हो चुकी है कि दरुगध और गंदगी के कारण आसपास के लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। क्षेत्रीय लोगों ने विरोध की शांतिपूर्वक मुहिम शुरू करते हुए पीएम व सीएम पोर्टल पर शिकायत की है। इसके अलावा महापौर को भी पत्र सौंपा है।

देवभूमि जन विकास समिति कन्हैया विहार की ओर से कूड़ा डंप करने को लेकर लंबे समय से विरोध किया जा रहा है। बीते दिनों से उन्हें दूसरे संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है एवं ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसो. के अध्यक्ष उमेश अहलूवालिया ने भी महापौर को पत्र देकर कूड़ा डंपिंग जोन शिफ्ट कराने की मांग की थी। देवभूमि विकास समिति के अध्यक्ष सुशील सक्सेना ने बताया कि वे हंगामा या प्रदर्शन कर विरोध नहीं जता रहे। वे शांतिपूर्वक इस मसले का हल चाहते हैं।

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दरअसल, आसपास बड़ी आबादी रहती है व शैक्षिक संस्थान भी हैं। समीप ही राधा स्वामी सत्संग भवन भी है। कूड़े की दरुगध के चलते लोगों की सुबह-शाम की सैर भी चौपट हो चुकी है और पूरा दिन घर में रहने वालों को भी सुकून नहीं मिल रहा। बीमारी भी हो रही और सांस की तकलीफ भी बढ़ रही है। समिति ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री कार्यालय में भी इसकी शिकायत की है व कूड़ा स्थल आबादी से दूर बनाने की मांग की है। समिति की ओर से महापौर सुनील उनियाल गामा को ज्ञापन देने वालों में जयवीर सिंह, राम दयाल, मोबीन खान, दान सिंह, मोहन लाल कुकरेती, अजय राजपूत, आदित्य व आदर्श राजपूत समेत दर्जनों लोग शामिल थे।

केवल विहार में स्वच्छता मुहिम

केवल विहार सहस्रधारा रोड के लोगों ने नगर निगम की स्वच्छता मुहिम में जुड़कर पॉलीथिन को प्रतिबंधित कर थैले बांटने का काम शुरू कर दिया है। स्थानीय निवासी रश्मि जौहरी, गीता श्रीवास्तव और नीलम भारद्वाज की ओर से कपड़े के थैले बनाकर आसपास मुफ्त वितरित किए जा रहे। इसमें केवल विहार इको ग्रुप के सदस्य आशीष गर्ग, संजय भार्गव, राकेश भारद्वाज, अमित जैन आदि द्वारा पॉलीथिन प्रयोग करने वालों को जागरूक किया जा रहा और पॉलीथिन बंद कराकर थैले दिए जा रहे। बताया गया कि बीते दो माह में 200 थैले वितरित किए जा चुके हैं।

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