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नवजात शिशु को दूध पिलाने वाली माँ को भूल से भी नहीं करना चाहिये यह काम

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अगर मां आंखों के उपचार की दवा ले रही हो, तो इससे दूध पीते बच्चे की स्वास्थ्य को नुकसान होने कि सम्भावना है. हालिया शोध में यह बात सामने आई है. वैज्ञानिकों ने बताया कि रेटिना से संबंधित कई बीमारियों के लिए उपचार में रेनीबिजुमैब  एफ्लीबरसेप्ट दवाओं का प्रयोग होता है. इनमें एंटी-वस्कुलर एंडोथेलियल ग्रोथ फैक्टर (एंटी-वीईजीएफ) एजेंट होता है. वीईजीएफ रक्त नलिकाओं के विकास में किरदार निभाने वाला एक प्रोटीन है, लेकिन रेटिना से जुड़ी कई बीमारियों में भी इसकी किरदार रहती है.

मां के दूध सेुप्रभावित होगा नवजात
वैज्ञानिकों का बोलना है कि मां के दूध में भी वीईजीएफ प्रोटीन होता है, जो नवजात के पाचन तंत्र के विकास में अहम किरदार निभाता है. ऐसे में अगर मां एंटी-वीईजीएफ दवा का सेवन करती है, तो इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि दवा उसके दूध में पहुंचकर वहां भी वीईजीएफ प्रोटीन को निष्क्रिय कर दे. ऐसा होना बच्चे की स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है.

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ब्रेस्टफीडिंग कराते समय मां को रखना होगा ध्यान
सभी मां को अपने बच्चों की ब्रेस्टफीडिंग कराते हुए बहुत ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि छोटी सी लापरवाही उनके बच्चे के लिए नुकसान का कारण बन जाती है. मां के कुछ भी खाने-पीने का प्रभाव बच्चे के स्वास्थ्य से जुड़ा होता है. इसलिए विशेषज्ञ में यही सलाह देते हैं कि मां को कुछ भी खाने-पीने के लिए डॉक्टर्स से सलाह लेनी चाहिए.

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