
नई दिल्ली: गुरुवार यानी आज राज्यसभा की कार्यवाही बिना किसी कामकाज के पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। इसे लेकर केंद्र पर हमला बोलते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नेता डोला सेन ने कहा कि बुधवार को उनकी पार्टी के सहयोगी साकेत गोखले के भाषण के बाद गृह मंत्री अमित शाह को शायद ठीक होने के लिए एक दिन की जरूरत है। बता दें कि, गुरुवार को उच्च सदन का कामकाज कई बार स्थगित हुआ और कोई कामकाज नहीं हुआ, सिवाय कागजात रखने के, क्योंकि डीएमके के सांसद परिसीमन के खिलाफ नारे लिखी टी-शर्ट पहनकर आए थे। इससे पहले सदन में बुधवार को गृह मंत्रालय के कामकाज पर बहस हुई थी। जिसकी शुरुआत टीएमसी सांसद साकेत गोखले ने की थी।
टीएमसी सांसद के भाषण पर हुआ था हंगामा
उनके भाषण से सदन में हंगामा शुरू हो गया, जिसमें भाजपा सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कुछ टिप्पणियों का विरोध किया। सदन के नेता जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने टीएमसी सांसद के बोलने के दौरान हस्तक्षेप किया, जबकि सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच नाराजगी भरी बहस भी देखी गई।
टीएमसी सांसद ने गृह मंत्री पर कसा तंज
वहीं टीएमसी सांसद डोला सेन, जिन्हें गुरुवार को फिर से शुरू होने वाली बहस में टीएमसी की दूसरी वक्ता माना जा रहा था, ने कहा कि वह अपने भाषण के लिए तैयार थीं, लेकिन सदन नहीं चला। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘मैं गृह मंत्रालय की सात विफलताओं को उजागर करने के लिए अपने भाषण के साथ तैयार थी… लेकिन शायद, बुधवार को साकेत गोखले के भाषण के बाद, अमित शाह को ठीक होने के लिए एक दिन की जरुरत थी।’
शिवसेना नेता ने भी अमित शाह पर साधा निशाना
इसके बाद टीएमसी नेता के शब्दों को दोहराते हुए, शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने संसद के बाहर पत्रकारों से कहा, ‘बुधवार को साकेत गोखले ने जिस तरह से बात की, गृह मंत्री इतने गुस्से में थे कि उन्हें ठीक होने के लिए एक दिन की आवश्यकता थी, यही कारण है कि सदन को बार-बार स्थगित किया जा रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘गुरुवार को सदन स्थगित करने का कोई मुद्दा नहीं था। हम कार्यवाही में भाग लेने आए थे, गृह मंत्री को जवाब देना था’।
साकेत गोखले और अमित शाह के बीच बहस
बता दें कि, गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान, साकेत गोखले ने गृह मंत्री अमित शाह पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मंत्री सवाल पूछने से पहले ही डरे हुए लगते हैं। अमित शाह ने टीएमसी सांसद पर पलटवार करते हुए कहा कि डरने का कोई सवाल ही नहीं है क्योंकि उन्हें सात बार लोगों ने चुना है और वे किसी की दया पर सदन में नहीं हैं।