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भारत के आम बजट 2019 से फिर मिला पाकिस्तान को बड़ा झटका, इसपर पाकिस्तान ने…

आम बजट 2019 के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका दिया है। पाकिस्तान से आयातित सभी वस्तुओं पर 200 फीसदी शुल्क लगाने का प्रस्ताव सोमवार को राज्यसभा में पारित हो गया। गौरतलब है कि पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीन लिया था।

इतना फीसदी बढ़ा शुल्क

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इतना ही नहीं उच्च सदन ने मसूर, बोरिक एसिड और डायग्नॉस्टिक व लेबोरेटरी रीजेंट्स पर भी बेसिक सीमाशुल्क (बीसीडी) बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। प्रस्ताव में मसूर पर बीसीडी 40 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी करने की मांग की गई थी। बोरिक एसिड पर सीमाशुल्क 17.5 फीसदी से बढ़ाकर 27.5 फीसदी हो जाएगा। वहीं, डॉयग्नॉस्टिक मदों में शुल्क 20 फीसदी से बढ़कर 30 फीसदी हो जाएगा।

वहीं, वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से दोनों वैधानिक प्रस्ताव पेश किए जिन्हें ध्वनिमत से स्वीकार किया गया। पहले प्रस्ताव में सीमाशुल्क अधिनियम 1975 की पहली अनुसूची के अध्याय 98 के तहत नए शुल्क मद शामिल करने के लिए फरवरी 2019 में जारी अधिसूचना को मंजूरी प्रदान करने की मांग की गई जिसके तहत पाकिस्तान से आयातित सभी वस्तुओं पर सीमाशुल्क बढ़ाकर 200 फीसदी करने का जिक्र है।

बता दें, पिछले साल पुलवामा आतंकी हमले के बाद से ही दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी बनी हुई है। भारत बार-बार पाकिस्तान को यह चेतावनी देता रहा है कि वह अपनी जमीन पर पलने वाले आतंकवाद पर नकेल कसे। लेकिन उसके रवैए में कोई बदलाव नहीं आ रहा। हाल में तो गजब हो गया, जब आतंकी बुरहान वानी की बरसी के मौके पर पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता आसिफ गफूर ने उसे हीरो करार दिया है।

साथ ही कश्मीर को लेकर एक ट्वीट करते हुए गफूर ने लिखा है कि अगली पीढ़ी के बेहतर कल के लिए आज के हीरो अपनी जान दे रहे हैं। साफ है कि एक बार फिर पाकिस्तान ने साबित कर दिया है कि वह हमेशा आतंकियों के पक्ष में ही खड़ा रहता है।

सरकार के इस प्रस्ताव से लग रहा है कि चीन-अमेरिका ट्रेड वॉर की तरह भारत-पाकिस्तान में ट्रेड वॉर शुरू हो सकती है। हालांकि भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार की मात्रा बहुत कम है। जुलाई से जनवरी 2018-19 के बीच दोनों देशों के बीच 1.12 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था।

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