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जीवव में परेशानियों से बचने के लिए करे ये काम

हर आदमी के जीवव में कुछ न कुछ परेशानियां आती हैं. इसके चलते लोग उदास होते हैं  धीरे-धीरे इन परेशानियों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ जाते हैं. वहीं, कुछ लोग इन परेशानियों को अपने ऊपर हावी कर लेते हैं  इनसे पीछा नहीं छुटा पाते हैं. यही स्थिति लगातार बने रहने पर वे लोग अवसाद में चले जाते हैं. आरंभ में तो आदमी को पता नहीं लगता है कि वह अवसाद की चपेट में आ चुका है लेकिन आने वाले समय में यह स्पष्ट हो जाता है कि वो अवसाद से घिर चुका है.

दिखाई देते हैं इस तरह के लक्षण
अवसाद आने के बाद आदमी में बहुत से अंतर नजर आने लगते हैं. उसमें चिड़चिड़ापन, गुस्सा आदि जैसे भाव आने लगते हैं. वह खुद को लोगों से दूर करने लगता है  लोगों से बात करने में हिचकिचाता है. आदमी को हर समय निराशा  अशांति जैसा माहौल लगने लगता है. यहां तक कि सुख, शांति, सफलता आदि भी उसे गलत लगने लगते हैं. आदमी पर हद से ज्यादा तनाव हावी हो जाता है. अवसाद को दूर करने के लिए योग का सहारा लिया जा सकता है. आइए जानते हैं योग के किन आसनों से अवसाद से राहत मिलती है.

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बालासन- बालासन का नाम बाल शब्द पर रखा गया है. बालासन आराम करने की मुद्रा है, इसलिए कभी किया जा सकता है. इस सरल को करने से तनाव  थकान में छुटकारा मिलने के साथ ही अवसाद में राहत मिलती है.

शवासन – शवासन का नाम मृत शरीर शब्द पर रखा गया है. शवासन एक आराम करने की मुद्रा है. इस आसन को करने से दिमाग शात रहता है  तनाव  अवसाद जैसी समस्या से छुटकारा मिलता है.

सुखासन – सुखासन को करने से सुख  शांति मिलती है. इसलिए इसे सुखासन कहते हैं. सुखासन से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा रहता है. इस आसन को नियमित करने से मन उदास नहीं रहता है  अवसाद में राहत मिलती है.

भुजंगासन- भुजंगासन नाम से ही पता चलता है कि इसका मतलब सांप से है. इस आसन में सांप की तरह फन फैलाने की मुद्रा होती है. इसको करने से अवसाद को दूर करने में लाभहोता है. इसके अतिरिक्त यह शरी में ऊर्जा बढ़ता है  पीठ दर्द में लाभ करता है.

सेतुबंधासन- सेतुबंधासन दो शब्दों से मिलकर बना है. इसमें सेतु का मतलब पुल  बंध का मतलब बांधना से है. इस आसन में शरीर को सेतु की मुद्रा में बांध या रोक कर रखते हैं. इससे रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है, जिससे कमर दर्द की समस्या से निजात मिलती है. इसके अतिरिक्त यह उदासी को दूर करता है.

  • आजकल की दौड़भाग भरी जिंदगी किसी को भी तनाव देने के लिए बहुत ज्यादा है. अगर आपको भी अपनी बिजी लाइफस्टाइल में खुद के लिए वक्त नहीं मिल रहा तो यह जानकारी आपके लिए ही है. अपनी बॉडी के इन 7 ऐक्यूप्रेशर पॉइंट्स पर बस चंद सेकंड देकर आप न केवल तनाव बल्कि कई  तकलीफों से भी राहत पा सकते हैं. क्लिक करें
  • हाथ के पंजे पर जहां आपकी तर्जनी  अंगूठा मिलते हैं, उस मांसपेशी के सबसे ऊंचे पॉइंट पर 4-5 सेकंड के लिए मसाज करिए. इसे लार्ज इंटेस्टाइन 6 (LI4) पॉइंट कहते हैं.इससे आपको फेशल पेन, दांत के दर्द, सिरदर्द, गर्दन के दर्द  तनाव से राहत मिलेगी.
  • कंधे के सबसे ऊंचे पॉइंट (जिसे गालब्लैडर 21 (GB21) पॉइंट कहते हैं) पर दबाव डालने से गर्दन की अकड़न, कंधे के दर्द  सिरदर्द में आराम मिलता है.
  • दोनों पैरों के पंजों के इस हिस्से पर दबाव डालने से तनाव, पीठ दर्द, हाई बीपी, पीरियड क्रैंप्स, हाथ-पैर के दर्द, अनिद्रा  बेचैनी से राहत मिलती है. इस पॉइंट को लिवर 3 (LV3) कहते हैं.
  • इयर बोन के इस हिस्से को गालब्लैडर 20 (GB20) पॉइंट कहते हैं. इसपर दबाव डालने से सिरदर्द, माइग्रेन, नजर का धुंधलापन, थकान  सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है.
  • स्टमक 36 (ST36) नामक यह पॉइंट थकान, तनाव, पेट दर्द  उबकाई से राहत दिलाने में एक वंडर स्पॉट की तरह कार्य करता है.
  • एक्सपर्ट्स के मुताबिक इयर पॉइंट नामक यह भाग मानव शरीर में यह सबसे ज्यादा स्ट्रेस रिलीविंग पॉइंट है.
  • इस पॉइंट पर दबाव डालने से डायाफ्राम  चेस्ट को आराम मिलता है  श्वसन प्रक्रिया बेहतर होती है.
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