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इस कॉलेज में इम्तिहान में पास करवाने के नाम पर छात्राओं के साथ करते है ये…

सेक्टर-16 स्थित राजकीय महिला कॉलेज में इम्तिहान में पास करवाने के नाम पर छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न के मुद्दे में पुलिस ने कॉलेज स्टाफ के तीन आरोपियों के विरूद्ध मुद्दा पंजीकृत कर लिया है.

इसके अतिरिक्त उच्चतर एजुकेशन निदेशालय ने भी कॉलेज के तीनों आरोपियों को निलंबित कर दिया है.उच्चतर एजुकेशन निदेशालय की ओर से गुरुवार शाम को कॉलेज को जारी हुए मेल में प्राथमिक जाँच के आधार पर यह आदेश दिए हैं. पुलिस  विभाग ने अपनीजाँच प्रारम्भ कर दी है.

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यह है मामला
राजकीय कॉलेज में बीएससी अंतिम साल की छात्रा ने एक एसोसिएट प्रोफेसर सीएस वशिष्ठ, जूनियर प्रयोगशाला अटेंडेंट जगदेश  चपरासी विक्रम पर यौनउत्पीड़न का आरोप लगाते हुए प्राचार्य को शिकायत दी थी. जिसमें छात्रा ने आडियो  वीडियो रिर्काडिंग भी प्राचार्य को सौंपी है. जिसमें छात्रा ने आरोप लगाया है कि इम्तिहान में पास करवाने के नाम में संबंधित स्टाफ मेम्बर उस पर योन उत्पीड़न के लिए जबरदस्ती दबाव बना रहा है  उनकी बात नहीं मानने पर उसकोइम्तिहान में फेल कर देने की धमकी दे रहा है. आरोप है कि आरोपी लंबे समय से छात्राओं को भय धमकाकर उनको योन उत्पीड़न करते आ रहे हैं. छात्रा की शिकायत पर कालेज प्रशासन ने कमेटी गठित की. जिसकी जाँच रिपोर्ट उच्चतर एजुकेशन निदेशालय को भेजी. उसके बाद तीनों आरोपियों को निलंबित कर दिया. इसके बाद देर रात पुलिस ने भी इस मुद्दे में तीनों आरोपियों के विरूद्ध मुद्दा पंजीकृत कर जाँच प्रारम्भ कर दी.

कॉलेज में ही छात्रा से कर रहा था सौदेबाजी
सेक्टर-16 स्थित राजकीय महिला कॉलेज में छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न मुद्दे में आरोपी कॉलेज परिसर में ही छात्रा से बेखौफ होकर सौदेबाजी कर रहा है.छात्रा की तरफ से जारी वीडियो ओर ऑडियो में इसकी पुष्टि हो रही है. हैरानी की बात यह है कि साथ के कमरे में कक्षा चल रही है, बावजूद इसके आरोपी को किसी प्रकार का भय नहीं है. आरोपी यहीं नहीं रुक रहा, वह छात्रा को बिना किसी भय के यह भी बता रहा है कि उसने होटल मैगपाई के पास  सूरजकुंड में एक हजार रुपये में एक कमरा भी बुक कर लिया है. छात्रा ने हौसला दिखाते हुए उनकी यह समूची रिकार्डिंग कॉलेज परिसर में ही कर ली.

काफी सालों से चल रहा है घिनौना खेल
राजकीय महिला कॉलेज में इम्तिहान में पास करवाने के नाम पर छात्राओं के योन उत्पीड़न का मुद्दा लंबे समय से होने का आरोप लगाया गया है. छात्रा की तरफ से दी गई लिखित शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उनसे वार्ता में यह बात स्वीकार की है कि वो इस तरह छात्राओं को बहुत ज्यादा समय से पास करवाते आ रहे है. इसके लिए पहले छात्राओं को उनके साथ कमरे में जाना पड़ता है. इस आरोप के लिए अपनी बात को ठीक साबित करने के लिए संबंधित छात्रा ने आरोपी की वीडियो  ऑडियो रिकॉर्डिंग की, ताकि उनकी बात को ठीक माना जाए. छात्रा के मुताबिक संबंधित आरोपियों की इन हरकतों के बारे में कमोबेश लड़कियों को मालूम है  स्टाफ के बहुत ज्यादा मेम्बर भी इससे वाकिफ हैं, मगर उनके विरूद्ध कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

कॉलेज की जाँच टीम की रिपोर्ट पर हुई तुरंत कार्रवाई 
प्राचार्य को इस विषय में 29 अप्रैल को छात्रा ने लिखित में शिकायत दी थी. इसके बाद कॉलेज की ओर से 30 अप्रैल को पांच सदस्यीय जाँच कमेटी का गठन किया गया है. वाइस प्रधानाचार्य नम्रता शर्मा के नेतृत्व में बनाई गई कमेटी ने मुद्दे पर पीड़ित  आरोपी पक्ष से पूछताछ कर रिपोर्ट तैयार की  बुधवार को प्राचार्य को सौंपी. प्राचार्य की ओर से जाँच रिपोर्ट गुरुवार को निदेशालय को भेज दी गई थी. जिसके आधार पर निदेशालय ने तुंरत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को निलंबित कर दिया.

दो महीने से प्रमाण इकट्ठा कर रही थी छात्रा
इम्तिहान के नाम पर छात्राओं की जिंदगी बर्बाद करने वालों को कड़ी सजा दिलवाने के लिए छात्रा ने मार्च से पहले ही आरोपियों की घेराबंदी प्रारम्भ कर दी थी.वीडियो  ऑडियो के जरिये छात्रा ने बड़ी सूझबूझ के साथ वार्ता करते हुए आरोपियों से उनकी पूर्व में की कई करतूतों को उगलवा लिया. किस तरह छात्राओं को पहले वे फेल होने के नाम पर डराते  हैं  फिर उसके बाद मासूमों की जिदंगी का बर्बाद करते हैं उनके इस चक्रव्यूह को छात्रा ने एक के बाद सवाल करते हुए तोड़ दिया. आरोपी भी बेखौफ अपनी बातें छात्रा के साथ साझा करता रहा. छात्रा ने बेबाक बात करते हुए अपनी स्थान दूसरी लड़की को भेजने की बात कहकर ऐसी बात भी उगलवा ली कि उसको इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि लड़की कौन है. छात्रा ने आरोपी को होली के बाद मिलने की बात कही थी. आरोपी छात्रा को उससे पहले चलने के लिए दबाव बना रहा था.

शहर के युवा संगठनों ने विरोध जताया
दोपहर करीब 12 बजे युवा कांग्रेस पार्टी ने कॉलेज के मुख्य गेट पर प्रदर्शन कर बेटियों की सुरक्षा को लेकर आवाज उठाई. सरकार के विरूद्ध नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर तुरंत  कठोर कार्रवाई की मांग की. युवा कांग्रेस पार्टी के तिगांव विधानसभा अध्यक्ष अनिल चेची के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने दोषियों को सजा  पीड़िता को न्याय दिलाने की बात कही. इस दौरान प्रदीप धनकड़, सुनील चेची, मोहित लोहिया, जोगेंद्र पायला, संदीप बैंसला, सनी बादल आदि उपस्थित रहे.

एनएसयूआई ने निष्पक्ष जाँच की मांग की
जानकारी मिलने के बाद एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को प्राचार्य से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा  मुद्दे पर निष्पक्ष जाँच की मांग की. प्रदेश सचिव कृष्ण अत्री ने बताया कि छात्रा पर किसी भी तरह दबाव ना बनाने  दोषियों को सजा दिलाने की मांगी की है. वहीं इस मुद्दे पर जाँच रिपोर्ट मिलने का इंतजार है.कॉलेज की ओर से दोषियों को सजा नहीं मिली तो विद्यार्थी एकजुट होकर आंदोलन करेंगे.

एबीवीपी उपायुक्त ऑफिस पर जताएगी विरोध
इसी मुद्दे पर शुक्त्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (एबीवीपी) के कार्यकर्ता सेक्टर-12 स्थित जिला उपायुक्त ऑफिस पर विरोध जताएंगे. जिला संयोजक माधव रावत ने बोला कि शिक्षण संस्थान में ऐसी घटना निंदनीय है. इसके विरोध में प्रदर्शन कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे. जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी शांत नहीं बैठेंगे.

छात्राओं की सुरक्षा कि लिए हैं कई कमेटियां
संस्थान में एजुकेशन निदेशालय  सरकार के निर्देशानुसार करीब 57 कमेटियां कार्यरत हैं. इनमें से कई कमेटियां विशेष तौर पर छात्राओं की शिकायतों समाधान के लिए हैं. इनमें वूमेन सेल, एंटी रैगिंग कमेटी, सेक्सुअल हरासमेंट कमेटी, स्टूडेंट ग्रीवेंस सेल आदि कमेटियां प्रमुख हैं. इसके अतिरिक्त कॉलेजों में बनाए गए मेंटोर भी छात्राओं की काउंसलिंग करती हैं.

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मुद्दे पर किया ट्वीट
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस मुद्दे पर ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा है. ट्वीट में लिखा है कि हरियाणा में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जुमले की कड़वी सच्चाई. बीजेपी ने पांच वर्ष के शासन में प्रदेश की जनता को निराश किया है. हमारी स्पष्ट मांग है कि इस मुद्दे पर सभी दोषियों के विरूद्धकार्रवाई हो  पीड़ित छात्राओं को न्याय मिले.

सरकार ने निलंबन के आदेश दिए
नरेंद्र कुमार, प्राचार्य, महिला कॉलेज: कॉलेज को मुद्दे पर शिकायत मिलने के बाद 30 अप्रैल को जाँच कमेटी बनाई थी. सारे मुद्दे की निष्पक्ष ढंग से जाँच कराने के बाद रिपोर्ट निदेशालय को भेजी गई थी. इसपर सरकार ने तीनों आरोपियों को तत्काल निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए हैं.

तीन साल पूर्व छात्राओं के मोबाइल पर आए थे अश्लील मैसेज
फरीदाबाद. करीब तीन साल पूर्व सेक्टर-16ए स्थित राजकीय महिला कॉलेज की छात्राओं के मोबाइल पर अश्लील मैसेज आने पर शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था. करीब 30 से ज्यादा छात्राओं को इस तरह के अश्लील मैसेज मिले थे.

सन् 2016 में पीड़ित छात्राओं ने सेक्टर-16 पुलिस चौकी में शिकायत देकर बताया था कि कुछ समय से उनके मोबाइल फोन पर अज्ञात नंबरों से अश्लील व्हाट्सऐप मैसेज आ रहे हैं. छात्राओं का बोलना था कि अज्ञात लोगों द्वारा उनके मोबाइल नंबर को हैक कर इस तरह के अश्लल मैसेज भेजे जा रहे हैं. छात्राओं काबोलना था कि उनके ग्रुप की लड़कियों के नंबर ही ये मैसेज आ रहे हैं.

पीड़ित ने अपनी शिकायत में जो आरोप लगाए हैं, उसके आधार पर मुद्दा पंजीकृत कर लिया गया है. शिकायतकर्ता से पुलिस का सम्पर्क नहीं हुआ है. पुलिस पीड़ित छात्रा से सम्पर्क करने का कोशिश कर रही है. – सूबे सिंह, पुलिस प्रवक्ता

कॉलेज एक नजर में

  • 1600 करीब छात्राएं हैं संस्थान में
  • 57 कमेटियां बनाई गई हैं कॉलेज में
  • 06 कोर्स कराए जा रहे हैं संस्थान में
  • 1987 में राजकीय कॉलेज में वूमेन विंग के तौर पर किया था शुरू
  • 1992 में कॉलेज स्वतंत्र रूप से हुआ चालू
  • 34 करीब है कुल शैक्षणिक कर्मचारी
  • 24 करीब है नियमित शैक्षिक कर्मचारी
  • 10 करीब है एक्सटेंशन लेक्चरार
  • 22 करीब है गैर शैक्षणिक कर्मचारी

हरियाणा की बेटियां सुरक्षित नहीं : नवीन
आम आदमी पार्टी प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिन्द ने बोला कि हरियाणा की बेटियां सुरक्षित नहीं है. शिमला में हरियाणा की बेटी के साथ जो घटना हुई है वो न सिर्फ अमानवीय बल्कि मानवता को भी शर्मसार करने वाली है. पुलिस ने परिवार और लड़की की मदद करने के बजाए मानसिक रूप से उन्हें ही प्रताड़ित किया. प्रदेश में बच्चियों के साथ दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसे जघन्य क्राइम हो रहे हैं.

बेटी बचाओ का नारा भी निकला जुमला: लखन 
कांग्रेसी नेता लखन सिंगला ने बोला कि लोकल सरकारी कॉलेज में छात्राओं के यौन उत्पीड़न के मुद्दे ने प्रदेश को शर्मसार कर दिया है. बीजेपी के राज में शिक्षण संस्थानों में भी बेटिया सुरक्षित नहीं हैं. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा भी जुमला निकला है. यहां एजुकेशन के मंदिर में बेटियों को पास करने के एवज में यौनउत्पीड़न से गुजरना पड़ रहा है. शासन को जैसे सुध ही नहीं है. उन्होंने कॉलेज के आरोपी शिक्षक और अन्य को तुरंत बर्खास्त करने  कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. कॉलेज प्रबंधन किसी की शह पर आरोपियों को बचाने की प्रयास कर रहा है.

तीन बार शिकायत कर चुकी थी छात्रा
राजकीय महिला कॉलेज में इम्तिहान में पास करवाने के नाम पर यौन उत्पीड़न करने वाले मुद्दे में छात्रा की तीसरी शिकायत पर कॉलेज प्रशासन हरकत में आया था. इससे प्रशासन ने दो शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की थी. प्राचार्य के नाम दी शिकायत में छात्रा ने साफ बोला है कि वो कई बार शिकायत दे चुकी है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की गई. छात्रा ने यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व प्राचार्य को उन्होंने इसलिए शिकायत नहीं दी थी कि उन्हें ऐसा विश्वास था कि तत्कालीन प्राचार्या आरोपियों के विरूद्ध शायद कार्रवाई नहीं करेंगी, क्योंकि प्राचार्या बनने से पहले वो कॉलेज में ही लेक्चरार थीं.

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