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घर पहुंचने के कुछ घंटों के भीतर की गई रोहित की हत्या?

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की मौत का रहस्य गहराता जा रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद दिल्ली पुलिस रोहित शेखर की मौत की गुत्थी को सुलझाने में जुट गई है। इस केस को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। इस केस की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की टीम ने घर के सदस्यों को क्लीन चिट नहीं दी है और रोहित की पत्नी से भी पूछताछ की जा रही है। फिलहाल, पुलिस रोहित की हत्या के पीछे कारणों को तलाशने में जुटी है। जांच कर रही टीम को कुछ बातें अजीब लगी हैं जिनके कारण घरवालों पर शक गहराता जा रहा है।

रोहित शेखर
घटना की रात घर पर कोई बाहरी व्यक्ति नहीं आया था- पुलिस
मामले की जांच कर रही पुलिस के अनुसार, घटना की रात घर पर कोई बाहरी व्यक्ति नहीं आया था और घर में केवल पांच व्यक्ति ही थे। किसी ने भी रोहित शेखर तिवारी को करीब 16 घंटे तक नहीं जगाया। मंगलवार शाम 4 बजे जब नौकर कमरे में गया तो उसने देखा कि रोहित की नाक से खून निकला हुआ था, उसने घरवालों को ये बात बताई तो इसके बाद रोहित को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। इसके अलावा कुछ अन्य बातों पर गौर करने के बाद क्राइम ब्रांच इसे हत्या का मामला मान रही है।

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रोहित शेखर
तौलिया, सफेद चादरें और कुछ कपड़े मिले जो धोए गए थे

डॉक्टरों की एक टीम द्वारा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना बताया गया था। वहीं, दिल्ली पुलिस की तरफ से दावा किया गया कि रोहित शेखर की हत्या संभवत: तकिए से मुंह दबाकर की गई है। पुलिस का कहना है कि एक तौलिया, सफेद चादरें और कुछ कपड़े मिले जो धोए गए थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने कहा था कि रोहित की स्वभाविक मौत नहीं हुई है। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत केस भी दर्ज कर लिया गया है।

रोहित
’16 घंटे तक किसी ने रोहित को क्यों नहीं जगाया ?’

हत्या की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के अधिकारियों का कहना है कि रोहित के घर में दो सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड और दिल्ली में परिवार के पास करोड़ों की संपत्ति है। ऐसे में हत्या के पीछे संपत्ति विवाद तो नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी। जांच कर रही पुलिस को कुछ बातें अजीब लगी हैं जैसे- रोहित के इतनी देर सोते रहने के बाद भी किसी ने उनको क्यों नहीं जगाया।

रोहित की हत्या

अधिकारियों का कहना है कि रोहित सोमवार की रात को सोने के लिए कमरे में गए थे। अगले दिन शाम 4 बजे तक किसी ने उसे जगाने की कोशिश नहीं की, यह अजीब है। एक अफसर का ये भी कहना है कि डॉक्टरों के अनुसार, शेखर को अस्पताल लाने से करीब 15 घंटे से पहले ही उनकी मौत हो गई थी। यह इशारा करता है कि घर पहुंचने के कुछ घंटों के भीतर रोहित की हत्या कर दी गई होगी, यानी घटना वाली रात लगभग 11 बजे के करीब।

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