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चैंपियन के कुश्ती चैलेंज पर कर्णवाल नहीं पहुंचे स्टेडियम

उत्तराखंड में सत्तारूढ़ भाजपा के दो विधायकों के बीच कहासुनी के बाद लगी कुश्ती की शर्त लग गई थी, एक विधायक तो पहुंच गए लेकिन दूसरे नहीं पहुंचे। इसके बाद भी बयानबाजी का सिलसिला चलता रहा। आखिरकार गुरुवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बीच बचाव के बाद मामला शांत हो सका। उत्तराखंड प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी देवेन्द्र भसीन ने बताया कि खानपुर से व झारबेड़ा से विधायक देसराज कर्णवाल के बीच कहासुनी हुई थी। लेकिन दोनों ने प्रदेश भाजपा महासचिव नरेश बंसल की उपस्थिति में CM के आवास पर उसने भेंट कर मतभेद को सुलझा लिया।

बता दें कि 15 अप्रैल को उत्तराखंड भाजपा बीजेपी ने को एक दूसरे के विरूद्ध सार्वजनिक रूप से बयानबाजी करने पर दोनों विधायकों को नोटिस जारी किया था। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा, ‘‘यह एक गंभीर मामला है। दोनों पार्टी विधायकों को नोटिस जारी कर अपने आचरण के बारे में स्पष्टीकरण देने को बोला गया है। ’’

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कर्णवाल ने चैंपियन की खेलों में उपलब्धियों पर उठाए सवाल
हरिद्वार जिले के खानपुर एरिया के भाजपा विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन व झबरेडा के पार्टी विधायक देशराज कर्णवाल के बीच हाल में तब जुबानी जंग छिड़ गयी थी जब कर्णवाल ने चैंपियन की एजुकेशन व खेलों में उनके प्रदर्शन के दावों की विश्वसनीयता पर शक जताया था।

चैंपियन को जब यह पता चला कि देशराज ने उनकी शैक्षणिक डिग्रियों तथा खेलों में उनकी उपलब्धियों को ‘नकली’ बताया है तब उन्होंने उन्हें रूडकी के एक स्टेडियम में आकर उनसे कुश्ती लडने की चुनौती दे डाली। इस चुनौती के बाद चैंपियन स्टेडियम में कुश्ती लडने पहुंच भी गये लेकिन कर्णवाल वहां नहीं पहुंचे थे।

चैंपियन ने बोला कि वह कर्णवाल को दिखाना चाहते थे कि वह किस मिट्टी के बने हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि झबरेडा के विधायक कुश्ती लड़ने इसलिये नहीं पहुंचे क्योंकि उनमें उनका एक थप्पड़ झेल पाने की भी ताकत नहीं है ।

कर्णवाल ने कहा, ‘ये हथियारों का जमाना है, कुश्ती की नहीं’
इस विषय में संवाददाताओं द्वारा झबरेडा विधायक से सवाल पूछे जाने पर उन्होंने बोला कि यह हथियारों का जमाना है, कुश्ती का नहीं । कर्णवाल ने यहां तक कह दिया कि चैंपियन कुश्ती लड़ने की बात इसलिये कर रहे हैं क्योंकि उनका दिमाग बेकार हो गया है। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें पागलखाने ले जाया जाना चाहिए’’

बीजेपी नेता भट्ट ने बोला कि अगर दोनों विधायकों को अनुशासन तोड़ने का दोषी पाया जाता है तो उनके विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी। लेकिन अब मामला मुख्यमंत्री की मध्यस्थता के बाद सुलझा लिया गया है।

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