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भारत की नई सरकार के प्रधानमंत्री को इस कारण जून में ही करना पड़ेगा ये विदेशी दौरा

नई सरकार के प्रधानमंत्री को जून के पहले हफ्ते में बहुपक्षीय सम्मेलन के लिए विदेशी दौरा करना पड़ेगा। उन्हें जून 14-15 को बिश्केक में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए जाना होगा। जहां उनका पहली बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से आमना-सामना होगा।

वर्तमान लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान पाकिस्तान का खूब जिक्र हो रहा है। इसकी वजह है पुलवामा आतंकी हमला और उसके बाद भारतीय वायुसेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक। यही वजह है कि चुनाव प्रचार में पड़ोसी मुल्क का नाम लिया जा रहा है। हाल ही में इमरान खान ने कहा था कि पाकिस्तान भारत में दक्षिणपंथी सरकार के पक्ष में है। जिसने चुनावी माहौल को गरमाने का काम किया है।

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पुलवामा में हुए आतंकी हमले और बालाकोट स्ट्राइक के बाद चुनावी कैम्पेन में पाकिस्तान का जिक्र हो रहा है। हाल ही में इमरान खान का बयान कि पाकिस्तान भारत में दक्षिण-पंथी सरकार के पक्ष में है , ने चुनावी का माहौल और गर्म कर दिया है। मौजूदा पाक उच्चायुक्त सोहैल महमूद ने रविवार को कहा, ‘हमें उम्मीद है कि भारत में चुनाव के बाद नई दिल्ली के साथ हमारी फिर बातचीत होगी। पाकिस्तान और भारत के बीच बातचीत क्षेत्र में टिकाऊ शांति और सुरक्षा की इमारत खड़ी करने में मदद करेगा।’

जून में ही नए पीएम जी-20 सम्मेलन में हिस्सा लेने ओसाका जाएंगे। यह विश्व के शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं के साथ या तो पहली या नई बातचीत होगी। 2019 के सेकंड हाफ में नए पीएम अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं से बंधे रहेंगे। रूस में वार्षिक सम्मेलन के लिए पीएम को मास्को जाना होगा, जबकि भारत-चीन अनौपचारिक सम्मिट के लिए चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग भारत आएंगे। भारत-अमेरिकी 2+2 डायलॉग सितंबर-अक्टूबर में होगी जबकि जापान के पीएम शिंजो आबे शरद ऋतु में भारत का दौरा करेंगे।

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