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घर में फिल्म कॉस्ट्यूम पहन चाकू लेकर बैठी थीं परवीन

बॉलीवुड की दिवंगत अभिनेत्री परवीन बाबी का आज जन्मदिन है। उनका जन्म 4 अप्रैल 1949 को गुजरात के जूनागढ़ में हुआ था, वो बॉलीवुड की सबसे कामयाब अभिनेत्रियों में से एक थीं। लेकिन उनकी जिंदगी बहुत उतार चढ़ाव भरी रही। परवीन बाबी और फिल्म मेकर महेश भट्ट एक- दूसरे से प्यार करते थे लेकिन दोनों की लव स्टोरी का काफी दुखद अंत हुआ। महेश भट्ट ने फिल्मफेयर को दिए एक इंटरव्यू में खुद अपने रिश्ते और परवीन बाबी के बारे में बताया था।

उस समय परवीन बाबी अपने करियर की ऊंचाईयों पर थीं जब उन्हें महेश भट्ट से प्यार हो गया। साल 1977 में दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे थे। इस समय महेश भट्ट शादीशुदा थे लेकिन उन्होंने परवीन के साथ लिव-इन में रहने का फैसला किया। उन दिनों परवीन फिल्म अमर अकबर एंथनी फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। दोनों की जिंदगी बहुत अच्छी चल रही थी। परवीन भले ही सुपरस्टार थीं लेकिन घर पर वो एक साधारण लड़की थीं, जो महेश भट्ट से बहुत प्यार करती थी।

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साल 1979 में एक दिन कुछ ऐसा हुआ कि सब कुछ बदल गया। महेश भट्ट जब घर आए तो उन्होंने देखा कि परवीन बाबी एक फिल्म का कॉस्ट्यूम पहनकर तैयार हैं और घर के एक कोने में बैठी हैं। परवीन के हाथ में चाकू था। परवीन ने महेश को देखकर चुप रहने का इशारा करते हुए कहा, ‘बोलो मत। घर में कोई है और मुझे मारने की कोशिश कर रहा है।’ यह पहली बार था जब महेश ने परवीन को इस हालत में देखा था। इसके बाद अक्सर उनके इसके अटैक आने लगे और इलाज के दौरान पता चला कि उन्हें ‘पैरानॉयड स्किज़ोफ्रेनिया’ नाम की खतरनार बीमारी है।

डॉक्टर और वो फिल्ममेकर जिनकी फिल्मों में परवीन काम कर रहीं थीं, चाहते थे कि परवीन इस बीमारी का इलाज करवाएं। इसके लिए परवीन को बिजली के झटके दिए जाते, यह टेंपररी इलाज था। लेकिन महेश परवीन के साथ खड़े रहे और उन्हें बचाने की पूरी कोशिश करते रहे। इस दौरान कबीर बेदी और डेनी ने उन्हें अमेरिका में कई अस्पताल बताए जहां परवीन का इलाज करवाया जा सकता था।

बिगड़ती जा रही थी परवीन बाबी की हालत

परवीन की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। उन्हें लगता था कि उनकी कार में बम है और उन्हें उसकी आवाज भी सुनाई देती थी। इतना ही नहीं उन्हें लगता था कि अमिताभ बच्चन, जिनके साथ उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, उन्हें (परवीन को) मारना चाहते हैं। परवीन को लगता था कि उन्होंने किसी तरह अमिताभ को कोई नुकसान पहुंचाया और इसलिए वो उन्हें मारना चाहते हैं।

इलेक्ट्रिक शॉक ही था आखिरी रास्ता

परवीन की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी और अब इलेक्ट्रिक शॉक थेरेपी ही एक ऑप्शन बाकी था, लेकिन महेश इसके खिलाफ थे। उनपर परवीन के स्टारडम को इस्तेमाल करने के आरोप लगे। इस समय तक वो बेकाबू हो गईं थीं। उन्होंने दवाई तक लेनी बंद कर दी थी। वो महेश भट्ट को पहले खाने और पीने के लिए कहती थीं, यह देखने के लिए कि उनके खाने में कुछ मिलाया तो नहीं गया।

जब परवीन के ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं बची तो महेश भट्ट उन्हें लेकर बेंग्लुरु चले गए। उन्हें लगा कि शांत जगह पर रहने से परवीन की सेहत में सुधार आएगा, लेकिन इसी साल महेश भट्ट परवीन को छोड़कर अपनी पत्नी के पास वापस आ गए। बंग्लुरु में एक फिलोसफर ने महेश को परवीन से अलग रहने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि उनकी (महेश की) मौजूदगी से परवीन की हालत और बिगड़ रही है। इसी दौरान उन्होंने फिल्म अर्थ लिखना शुरू की थी, जो पूरी तरह उनकी जिंदगी से प्रेरित थी। साल 2005 में परवीन का निधन हो गया और इसके बाद वो उनके शव के अंतिम संस्कार के लिए आगे आए।

आज बॉलीवुड की दिवंगत एक्ट्रेस परवीन बाबी का जन्मदिन है। परवीन कामयाब अभिनेत्री थीं लेकिन उनकी जिंदगी उतार- चढ़ावों से भरी रही। उन्हें एक ऐसी बीमारी हो गई थी जिसमें उन्हें डर लगने लगा था कि कोई उनकी जान लेना चाहता है।

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