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दुनिया भर के लिए आतंकियों की फैक्ट्री और सुरक्षित पनाहगार बन चुके पाकिस्तान

 दुनिया भर के लिए आतंकियों की फैक्ट्री और सुरक्षित पनाहगार बन चुके पाकिस्तान की पोल धीरे-धीरे दुनिया के सामने खुलने लगी है। दुनिया के तमाम देश पाकिस्तान के आतंकी चेहरे से वाकिफ हो गया है और अब उनको पाकिस्तान की बातों पर एतवार नहीं रहा है। इसी कड़ी में आबू धाबी ने साफ कर दिया है कि उनपर पाकिस्तान की किसी अपील का कोई असर नहीं पड़ने वाला है और वह उसपर भारत की कार्रवाई के बारे में पाकिस्तान को कोई मदद नहीं कर सकता है। भारत में यूएई के राजदूत अहमद अल बन्ना ने साफ किया है कि किया कि यूएई ने दोनों देशों के बीच कोई मध्यस्थता नहीं, बल्कि उसका प्रयास सिर्फ तनाव कम कराने तक सीमित था।


आइआइटी दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान राजदूत अहमद अल बन्ना ने, हालांकि, यह भी स्पष्ट किया कि यूएई ने दोनों देशों के बीच कोई मध्यस्थता नहीं, बल्कि उसका प्रयास सिर्फ तनाव कम कराने तक सीमित था। यूएई के राजदूत अहमद अल बन्ना ने 28 फरवरी को आबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बि जायद अल-नाहयान द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से टेलीफोन पर की गई बातचीत का भी जिक्र किया। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास सिर्फ यह था कि जैसे यूएई ने ईरान के साथ अपने मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाया, उसी तरह भारत-पाक भी अपने मसले वार्ता के जरिए सुलझा लें।

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आपको बता दें कि पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ पर आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में 26 फरवरी जैश के आतंकी शिविर पर हवाई हमला किया। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था।आबू धाबी के युवराज मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने भारत – पाकिस्तान के बीच मौजूद तनाव को दूर करने की अपनी कोशिशों के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान से फोन पर बात की। नाहयान जोकि यूएई सशस्त्र बलों के डेप्युटी सुप्रीम कमांडर भी हैं और उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री खान से बात की है।

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