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राजस्थानी तोतों को लगी अफीम के नशे की लत, फेल हुए किसानों के ये जुगाड़

क्या पक्षियों को भी अफीम के नशे की लत पड़ सकती है? क्या इंसानों पर बुरी तरह हावी होने वाला अफीम का नशा पक्षियों को भी अपना शिकार बना सकता है? बात अजीब है, लेकिन सच है! राजस्थान के प्रतापगढ़ में तोतों को अफीम के नशे की लत पड़ गई है। इतनी कि अब ये लत छूट नहीं रही और खामियाजा खुद अफीमची तोतों (Nasheri Tote) को तो भुगतना पड़ता ही है, किसानों को भी काफी नुकसान होता है।

अफीम के डोडे के चीरा लगाने के बाद आते तोते

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सर्दी की शुरुआत में किसान अपने खेतों में अफीम उगाते हैं। बीज बोने के दो माह बाद खेतों में अफीम के खूबसूरत फूलों की चादर बिछ जाती है। फिर अफीम के फूल डोडे का आकार ग्रहण कर लेते है। मार्च महीने में इसी डोडे पर चीरा देकर अफीम निकाली जाती है। यह काम कई दिनों तक चलता रहता है।

किसान पकड़कर देते हैं इन्हें सजा

खेतों में अफीम की फसल देख कर तोतों के मुह में पानी भर आता है और ये खेतों के आसपास पेड़ों पर अपना डेरा जमा देते है। सुबह जल्दी ही किसानों के आने से पहले तोतों के झुण्ड के झुण्ड अफीम के खेतों में पहुँच जाते हैं और अफीम के डोडो को चट कर जाते हैं।

कई तोते तो डोडो को अपने साथ ले जाते हैं और किसी पेड़ पर बैठ कर अफीम का नशा करते है। कुछ ही दिनों में ये तोते नशे के इतने आदी हो जाते हैं कि यह भी भान नहीं रहता है कि कोई उनके करीब आ गया है। इसका फायदा उठा कर किसान उसे आसानी से पकड़ भी लेते हैं और उसे पालतू बनाकर उसके किए की सजा देते हैं। कभी-कभी यह तोते नशा करके वहीं गिर पड़ते हैं।

कई जुगाड़ करते हैं किसान

किसान ने बताया कि अफीम के डोडो को तोतो से बचान के लिए खेत में बीजूका बनाते हैं। यंत्र भी लगाते हैं। पटाखे चलाते हैं ​और दिनरात रखवाली भी करते हैं, लेकिन तोतों की नशे की लत के सामने किसानों के सारे जुगाड़ फेल हो रहे हैं।

तोते सूर्योदय के वक्त को नशे के लिए सबसे अच्छा मानते हैं। सुबह छह बजे करीब खेतों पर किसान नहीं आते और इस समय खेतों में जाकर अफीम का नशा करना काफी आसान हो जाता है। किसान जब खेतों में जाकर देखते हैं तो उन्हें कई जगह खोखले डोडे देखने को मिलते हैं।

 

किसानों को लाखों का नुकसान

अफीम के एक डोडे से औसत पंद्रह ग्राम अफीम निकलती है. नारकोटिक्स विभाग किसानों से 1700 रुपए किलोग्राम के भाव से अफीम खरीदती है। इस हिसाब से अफीमची तोता एक डोडा खाकर लगभग बाइस रुपए का नुकसान करता है। इस तरह तोतों के झुंड कई डोडे खाकर किसानों को लाखों का नुकसान पहुंचाते हैं।

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