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इस जगह पर होती है नेपाली वर्जिन लड़कियों की डिमांड, होता है ये काम

2 लाख नेपाली लड़कियां वेश्‍यावृत्ति में
नेपाल की एनजीओ मैती की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में करीब 2 लाख नेपाली लड़कियां देह व्‍यापार में लिप्‍त हैं। इनमें से अधिकांश 14 साल की उम्र से कम हैं।

वर्जिन नेपाली लड़कियों की डिमांड
एनजीओ मैती की रिपोर्ट के अनुसार भारत के लोगों में नेपाल से लायी गईं वर्जिन लड़कियां ज्‍यादा पसंद की जाती हैं। उनके दाम भी काफी ऊंचे लगते हैं। यही कारण है कि नेपाल से लड़कियों को बहला फुसला कर या अगवा कर के भारत लाये जाने का चलन बढ़ रहा है।

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5.1 % मां-बाप के कहने पर बनीं वेश्‍या
1988 में ऑल बंगाल विमेन यूनियन द्वारा कराये गये सर्वेक्षण में लड़कियों के वेश्‍यावृत्ति में आने के कारणों का खुलासा किया गया। रिपोर्ट के अनुसार 5.1 फीसदी महिलाएं माता-पिता के कहने पर इस धंधे में आयीं।

13% दोस्‍तों के चक्‍कर में बनीं वेश्‍या
सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार 13.8 प्रतिशत लड़कियां दोस्‍तों के चक्‍कर में पड़कर वेश्‍यावृत्ति में आयीं। इसमें खास आकर्षण पैसा कमाना था।

22 प्रतिशत महिलाएं अपने ही इलाकों में
22.6 प्रतिश महिलाएं अपने अपने ही इलाकों में अपना जिस्‍म बेचती हैं। यानी ज्‍यादातर लोगों को उनके बारे में पता होता है।

दलाल के चक्‍कर में
23 प्रतिशत महिलाएं अंजान व्‍यक्ति अथवा दलाल के चक्‍कर में फंस कर वेश्‍यावृत्ति में आयीं।

13 प्रतिशत महिलाएं रिश्‍तेदार के चक्‍कर में
रिपोर्ट के अनुसार 13 प्रतिशत महिलाएं ऐसी थीं, जो अपनी बहन या अन्‍य महिला रिश्‍तेदार के इस धंधे में होने के बाद दाखिल हुर्इं। उन्‍हीं से प्रेरित होकर।

10 प्रतिशत को मिला प्‍यार में धोखा
रिपोर्ट के अनुसार 10 फीसदी महिलाएं प्‍यार में धोखा खाने पर इस व्‍यापार में आयीं। या फिर उन्‍हें शादी का झूठा प्रस्‍ताव देकर इस प्रोफेशन में धकेल दिया गया।

2.5 प्रतिशत महिलाएं अपने पति की सहमति से
रिपोर्ट के मुताबिक 1.5 प्रतिशत महिलाएं अपने पति की सहमति से इस व्‍यापार में उतरीं। यह रिपोट्र पश्चिम बंगाल पर आधारित है। इसे भारत के परिप्रेक्ष्‍य में देखें तो आंकड़े थोड़े ऊपर नीचे हो सकते हैं।

जिगोलो सेवाएं
भारत में महिलाओं के बीच वेश्‍यावृत्ति तो सदियों से चली आ रही है, लेकिन अब पुरुष भी इस धंधे में पड़ने लगे हैं। ऐसे पुरुषों को जिगोलो कहा जाता है।

3 हजार तक फीस
भारत में जिगोलो की सेवाएं दिल्‍ली में तेजी से बढ़ रही है। दिल्‍ली में एक जिगोलो एक रात के 1 से 3 हजार रुपए तक लेता है। हालांकि ये सभी कंडोम का प्रयोग करते हैं।

हैंडसम लड़के बन रहे जिगोलो
पैसा कमाने की होड़ में डिग्री कॉलेजों के लड़के इस व्‍यापार में लिप्‍त हो रहे हैं। इन लड़कों से सेवाएं लेने वाली महिलाएं भी बड़े घरानों की होती हैं, जो एक बार के 3 हजार रुपए तक देती हैं। दिल्‍ली में करीब 20 एजेंसियां हैं, जो जिगोलो की सप्‍लाई करती हैं।

मिडिल क्‍लास क्‍लब में ज्‍यादा
जिगोलो का ट्रेंड दिल्‍ली, मुंबई, चंडीगढ़ आदि में स्थिति मिडिल क्‍लास नाइट क्‍लबों में तेजी से बढ़ा है। इनकी सेवाएं समलैंगिक भी लेते हैं।

कंडोम का प्रयोग करते हैं
1992 में एक सर्वे में पाया गया कि मात्र 27 प्रतिशत सेक्‍स वर्कर ही कंडोम का प्रयोग करते हैं, जबकि 1995 में यह संख्‍या 82 फीसती तक पहुंच गई और 2011 की रिपोर्ट के अनुसार 86 फीसदी सेक्‍स वर्कर कंडोम का प्रयोग करते हैं। यानी जितनी तेजी से यह व्‍यापार बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से एड्स संबंधी जानकारियां भी।

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