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एच-1बी वीजा के जरिए रोजगार पाने वाले सामान्य आवेदकों को झेलनी पड़ सकती हैं नई अड़चनें

अमेरिका में सन् 2020 में एच-1बी वीजा के जरिए रोजगार पाने वाले सामान्य आवेदकों को नई अड़चनें झेलनी पड़ सकती हैं। इसके लिए ट्रम्प प्रशासन के एक फैसले के अनुसार एक अप्रैल से आवेदन जमा कराने वालों को नई प्रणाली के अन्तर्गत ऑनलाइन आवेदन जमा कराना होगा।

नई प्रणाली के तहत एच-1बी वीजा के लिए प्राथमिकता उन्हीं आवेदकों को दी जाएगी, जो अमेरिका में रहकर स्नातकोत्तर डिग्री हासिल कर पाते हैं। अभी तक तीन-तीन वर्षों के अस्थायी एच-1बी वीजा के लिए स्नातक की डिग्री धारक आवेदन कर सकते थे। इस श्रेणी में 65 हजार वीजा के लिए भारत से एक अप्रैल से मात्र सात से दस दिन में डेढ़ से दो लाख आवेदन अमेरिका की यूएस सिटीजेन एंड इम्मिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) विभाग में जमा हो जाते थे।

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नए निर्देशानुसार हार्ड कॉपी के लिए मनाही नहीं है, लेकिन प्राथमिकता ऑनलाइन जमा कराने वाले आवेदकों को मिलेगी। अभी तक अमेरिका में रहकर स्नातकोत्तर की डिग्री धारकों के लिए अलग से बीस हजार एच-1बी वीजा निर्धारित थे।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चुनाव अभियान में अपने वादों की सूची में ”बाय अमेरिका, हायर अमेरिका” के तहत उन्हीं आवेदकों को एच-1बी वीजा में प्राथमिकता दिए जाने की बात कही थी, जो अमेरिका में रहकर स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल करेंगे। उनका यह भी कहना था कि उन्हें डेटा ऑपरेटर नहीं, उच्च शिक्षित इंजीनियर चाहिए। इस नई प्रणाली से अमेरिकी नियोक्ताओं को उच्च शिक्षा प्राप्त अभ्यर्थी मिल सकेंगे। इस एच-1बी वीजा के लिए भारत के अलावा ज्यादातर आवेदक चीन, फिलिपींस सहित अन्य एशियाई देशों से होते हैं।

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