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CBI प्रमुख के नाम पर आज लग सकती है मुहर

नाम तय करने के लिएकी अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति की गुरुवार को मीटिंग होगी, जिसमें जांच एजेंसी के नए निदेशक के लिए संभावित नामों पर चर्चा होगी अधिकारियों ने बताया कि समिति की मीटिंग मेंया उनके प्रतिनिधि  लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे शरीक होंगे  

बैठक में जिन अधिकारियों के नामों पर चर्चा होगी, उनमें मुंबई पुलिस कमिशनर सुबोध कुमार जायसवाल, उत्‍तर प्रदेश डीजीपी ओपी सिंह  राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख वाईसी मोदी शामिल हैं इनके अतिरिक्त 1982 बैच के आईपीएस ऑफिसर जेके शर्मा  परमिंदर राय शामिल हैं वे वरिष्ठतम हैं लेकिन CBI में उनके पास अनुभव का अभाव हैराय हरियाणा कैडर के हैं, जो 31 जनवरी 2019 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं वह अभी राज्य सतर्कता ब्यूरो के महानिदेशक हैं जो उन्हें इस शीर्ष पद के लिए योग्य बनाता है

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विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), गृह मंत्रालय, रीना मित्रा एक अन्य दावेदार हैं वह 1983 बैच की हैं वह CBI में पांच वर्ष तक सेवा दे चुकी हैं वह मध्य प्रदेश राज्य सतर्कता ब्यूरो में लंबे समय तक रही हैं, जहां उन्होंने करप्शन के गंभीर मामलों को देखा

अधिकारियों ने बताया कि यदि उनका चयन होता है तो वह CBI की पहली महिला निदेशक होंगी उन्होंने बताया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनॉलजी एंड फोरेसिंक साइंसेज के मौजूदा प्रमुख एवं 1984 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस ऑफिसर जावेद अहमद भी दावेदार हैं उन्होंने उप्र का डीजीपी रहने के दौरान ट्विटर पहुंच अभियान, उत्तर प्रदेश 100 स्त्रियों के लिए विशेष हेल्पलाइन जैसी कई पहल का नेतृत्व किया था

अधिकारियों ने बताया कि उनके लगभग बराबर अनुभव रखने वाले राजस्थान के पूर्व डीजीपी ओपी गलहोत्रा CBI में 11 वर्ष सेवा दे चुके हैं उन्होंने बताया कि गलहोत्रा के ही बैच के उप्र कैडर के एचसी अवस्थी ने जांच एजेंसी में आठ वर्ष सेवा दी है

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआई) के महानिदेशक एवं 1984 बैच के असम-मेघालय कैडर के आईपीएस ऑफिसर वाईसी मोदी CBI में शीर्ष पद की दौड़ में पसंदीदा बताए जा रहे हैं वह सुप्रीम न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेष जांच टीम (एसआईटी) का भाग रहे थे, जिसने गुजरात में हुए 2002 के दंगों की जांच की थी एसआईटी ने गुजरात के तत्कालीन CM नरेंद्र मोदी को इस मामले में क्लीन चिट दे दी थी

अधिकारियों ने बताया कि बिहार कैडर के 1984 बैच के आईपीएस ऑफिसर राजेश रंजन ने CBI में करीब पांच वर्ष सेवा दी है  इंटरपोल में भी रहे हैं यूपी कैडर के 1984 बैच के आईपीएस ऑफिसर एवं बीएसएफ महानिदेशक रजनीकांत मिश्रा को भी CBI निदेशक पद की दौड़ में आगे बताया जा रहा है वह अगस्त 2019 में सेवानिवृत्त हो रहे हैं वह CBI में पांच वर्ष रह भी चुके हैं

उन्होंने बताया कि अन्य दावेदारों में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के डीजी एसएस देशवाल के पास भी CBI में कामकाज का पांच वर्ष का अनुभव है आरूषि मामले की जांच करने वाली CBI की प्रथम टीम का नेतृत्व करने वाले उप्र कैडर के 1985 बैच के आईपीएस ऑफिसर अरूण कुमार भी दौड़ में हैं

अन्य दावेदारों में केरल कैडर के 1985 बैच के रिषी राज सिंह  लोकनाथ बेहरा शामिल हैं जिनके पास CBI का क्रमश: छह  10 वर्ष का अनुभव है दिल्ली के पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक को भी शार्टलिस्ट किया गया है लेकिन उनके पास CBI में कार्य करने का अनुभव नहीं है

दरअसल, 1979 बैच के आईपीएस ऑफिसर आलोक वर्मा ने 10 जनवरी को CBI प्रमुख पद से खुद को हटाए जाने के बाद अपनी सेवानिवृत्ति से तीन सप्ताह पहले जॉब से त्याग पत्र दे दिया था इसलिए, वर्मा के जगह पर नये निदेशक की नियुक्ति के लिए चयन समिति की यह मीटिंग होने वाली है जांच एजेंसी के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के साथ उनकी तकरार हुई थी

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