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सीबीआई मामला: अलोक वर्मा की मुश्किलें बढ़ीं

 CBI के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा को जिस तरीके से पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस पार्टी नेता मलिकार्जुन खड़गे  जस्टिस एके सीकरी की सदस्‍यता वाली चयन समिति ने उनके पद से हटा दिया है, उसके बाद सीवीसी ने अपनी जांच रिपोर्ट में आलोक वर्मा के खिलाफ आपराधिक जांच कराने की सिफारिश की है सीवीसी ने आलोक वर्मा के आचरण को मोईन कुरैशी मामले में संदिग्ध करार दिया है

एक वरिष्ठ ऑफिसर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया है कि सीवीसी प्रमुख केवी चौधरी  दो अन्य सीवीसी ऑफिसर शरद कुमार  टीएम भसीन ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि आलोक वर्मा ने CBI के भीतर दो ऐसे अधिकारियों को जानबूझकर शामिल किया जिनकी रिपोर्ट नेगटिव थी सीवीसी कमिश्नर शरद कुमार ने पीएम मोदी की अगुवाई वाली चयन समिति को बुधवार को वर्मा के खिलाफ की गई जांच की रिपोर्ट में ये जानकारी दी है

सीवीसी की जांच रिपोर्ट लगभग 60 पन्नों की है, जिसमे 200 अलावा पन्नों में इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है एक वरिष्ठ ऑफिसर ने बताया है कि जांच रिपोर्ट में आलोक वर्मा के खिलाफ 10 मामलों में जांच की जानकारी है, जिनमे से पांच मामलों में आलोक वर्मा के विरूद्ध सबूत पाए गए हैं, दो मामलों में आगे की जांच की जरूरत है, जबकि तीन मामलों में पुख्ता सबूत नहीं हैं आपकी जानकारी के लिए बताते चलें किआलोक वर्मा के विरूद्ध सीवीसी ने यह जांच CBI के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना की शिकायत पर की गई है, उन्होंने वर्मा पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाया था

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