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अंपायरिंग के हुनर से यूं बनीं दुनिया में खास क्रिकेट महिला

क्रिकेट में रुचि रखने वाली महिलाओं के लिए क्रिकेटिंग वर्ल्ड में भी करियर ग्रोथ के असीम अवसर हैं। क्रिकेट के नियम-कायदों की पूरी जानकारी के साथ ही ताजा अपडेट और फिटनेस का ख्याल रखने में एक्सपर्ट महिलाएं क्रिकेट जगत में किस्मत आजमा सकती हैं। लेकिन याद रखें इसके लिए आईसीसी के तय इन कुछ मानकों को पूरा करना जरूरी होगा।

फिटनेस एक्सपर्ट के साथ अंपायर का रोल

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जी हां तमाम क्रिकेट बोर्ड्स ने अपने अनुबंधित खिलाड़ियों की फिटनेस से लेकर डाइट तक के लिए तमाम एक्सपर्ट्स को जोड़ना शुरू कर दिया है। क्रिकेट में अंपायर का रोल भी महिलाएं बखूबी निभा रहीं हैं। ऐसी कई वुमैन अंपायर्स हैं जो तेजी से उभरी हैं और उनका नाम क्रिकेट इतिहास में भी दर्ज हो गया है।

इनका नाम लिया जाता है अदब से

अंतर राष्ट्रीय क्रिकेट जगत में कैथी क्रॉस, क्लैअर पोलोसाक, सू रेडफर्न और जैक्लिन विलिअम्स के अलावा भारत की वृंदा राठी, शुभदा भोसले ने बतौर क्रिकेट अंपायर खासी सफलता पाई है। अंतर राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों में अंपायरिंग कर कैथी ने जहां इतिहास रचा वहीं क्लैअर पोलोसाक मेल अंपायर्स के साथ पुरुष क्रिकेट मैचों में सफल अंपायरिंग कर चुकी हैं।

भारत में ये हैं उभरता नाम

भारत में फिटनेस एक्सपर्ट वृंदा राठी और शुभदा भोसले तेजी से उभरती युवा महिला अंपायर हैं। दोनों ही अंपायरिंग की परीक्षाओं को पास करने के बाद से खासा नाम कमा रहीं हैं। हालांकि इन महिला अंपायपर्स में तमाम अपायरों ने कभी न कभी राष्ट्रीय और अंतर राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मैचों में भी देश का प्रतिनिधित्व किया है।


ये हैं नियम-कायदे

आपको बता दें प्रोफेशनल क्रिकेट अंपायर बनने के लिए नियम बतौर स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी या फिर क्लब लेबल का क्रिकेट खेलने का प्रमाण देना होता है। क्रिकेट खेलने के अनुभव के साथ ही क्रिकेट से जुड़ी आचार-संहिता का परफेक्ट नॉलेज आपके लिए क्रिकेट अंपायर बनने का रास्ता आसान कर सकता है। सो ऑल द बेस्ट..

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