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ओम पुरी की मौत के एक साल बाद सामने आए बड़े राज

दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता ओम पुरी की मौत के एक साल बाद फिल्म ‘द गांधी मर्डर’ की निर्माता लक्ष्मी आर. अय्यर ने उनके जीवन से जुड़े कई किस्से शेयर किए हैं। लक्ष्मी अय्यर का कहना है कि, ओमपुरी जी भौतिक चीजों में दिलचस्पी नहीं रखते थे और वह इनते विनम्र थे कि कभी-कभी इस फिल्म की टीम के लिए सादा भोजन भी बनाते थे। बता दें कि, ओम पुरी का छह जनवरी 2018 में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। वह 66 साल के थे।

ओम पुरी सर अपने आप में एक संस्थान थे

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लक्ष्मी अय्यर ने एक इंटरव्यू में कहा कि, ओम पुरी सर अपने आप में एक संस्थान थे, जिनसे बहुत कुछ सीखा जा सकता था.. वह बहुत विनम्र थे और सबके साथ विनम्रता के साथ पेश आते थे। उन्हें किसी दृश्य के लिए तैयारी करते देखना और फिर बेहतरीन अदाकारी के साथ परफॉर्म करते देखना मेरे लिए आशीर्वाद की तरह था। वह एक बहुत ही सरल व्यक्ति थे, जो कभी-कभी टीम के लिए सादा भोजन भी बनाते थे। उन्हें भौतिक चीजों में कोई दिलचस्पी नहीं थी।

मुझे शादी के नाम पर चिढ़ाते थे पुरी साहब

अय्यर ने कहा कि, व्यक्तिगत रूप से, जब भी मैं उनसे मिलती थी, तो वह हमेशा मुझे यह कहकर चिढ़ाते थे कि वह मेरी शादी एक अच्छे लड़के से कराएंगे। उन्होंने कहा कि, मुझे याद है कि जब मैंने उन्हें पहली बार फोन किया, तो उन्होंने मुझसे स्क्रिप्ट की हार्ड कॉपी मांगी थी। दो दिनों के भीतर, उन्होंने मुझे फिर से मिलने के लिए कहा। जिसके बाद उन्होंने फिल्म करने की पुष्टि की और हमारे साथ फिल्म साइन कर ली।

द गांधी मर्डर एक कमर्शियल ऐतिहासिक थ्रिलर है

लक्ष्मी ने बताया कि, वह (ओम पुरी) हमारी फिल्म में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। उनके चरित्र का नाम टी.जी. – स्वतंत्र भारत के इंटेलिजेंस ब्यूरो के पहले निदेशक, था। लक्ष्मी ने कहा, द गांधी मर्डर एक कमर्शियल ऐतिहासिक थ्रिलर है ना कि कोई ‘त्योहारी फिल्म’। यह (फिल्म) 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या के पीछे असली सच पर हमारी समझ है। इस फिल्म को एक साथ दुनियाभर में रिलीज किया जाएगा।

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