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बच्चों को छोड़कर अचानक दो- तीन दिन गायब थी इस युवक की पत्नी, और फिर…

केरेडारी के उपरौल से 23 मार्च 2018 से लापता गंगाधर साव का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। करीब दस माह से लापता भाई का कोई सुराग नहीं लगने से लापता गंगाधर के भाई महेंद्र, माता-पिता सहित परिजन काफी परेशान हैं।

इसी बीच महेंद्र को अपनी भाभी ऊषा देवी की गतिविधि संदिग्ध लगी। महेंद्र ने बताया कि उसकी भाभी ऊषा देवी अब भी लगातार अपने कथित प्रेमी से बात करती है। बच्चों को छोड़कर अचानक दो- तीन दिन गायब रहती है।

इस संबंध में लापता गंगाधर के भाई महेंद्र ने लंबे इंतजार के बाद डीजीपी का दरवाजा खटखटाया है। उसने बताया कि डीजीपी डीके पांडेय ने मामले को संज्ञान में लेते हुए उत्तरी छोटानागपुर पुलिस उपमहानिरीक्षक को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। महेंद्र साव ने बताया कि पुलिस के वरीय अधिकारियों को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पत्र के साथ उसने भाभी उषा देवी और उसके कथित प्रेमी कृष्णा महतो का एक फोटो देते हुए पूरे प्रकरण की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी है।

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उसने बताया कि 23 मार्च 2018 को सुबह एक अपाची मोटरसाइकिल सवार आकर यह बोल के गंगाधर को साथ ले गया कि चलो गाड़ी बुक करना है। तब से गंगाधर का अब तक कोई पता नहीं चला है। उसने आशंका जताई कि उसकी हत्या कर लाश गायब कर दिया गया है। उसने भाभी उषा देवी और उसके कथित प्रेमी कृष्णा महतो की भूमिका की जांच करने की मांग की है।

लापता युवक गंगाधर के भाई ने भाभी और उसके कथित प्रेमी पर संदेह का कारण बताते हुए यह जानकारी दी कि कृष्ण महतो लापता भाई का दोस्त था। उसके साथ घर आता-जाता था। इसी बीच दोनों में संबंध बना। फोन पर लंबी बातचीत होने लगी।

भाभी उषा देवी ने कृष्णा महतो को पति को जानकारी दिए बिना उसे 70 हजार रुपए भी दे दिए। पता चलने पर इसका विरोध करती हुई भाभी कृष्ण संग अपने बच्चों सहित चल गई थी। करीब ढाई महीने बाद केरेडारी थाने में दोनों पक्षों में समझौता हुआ। कृष्णा ने गंगाधर के 70 हजार रुपए वापस किए और पति-पत्नी दोनों के साथ रहने की सहमति से अपने घर वापस आ गए थे।

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