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महिला को संभोग के दौरान ऑर्गेज्म तक पहुंचने में होती है परेशानी, तो हो सकती है ये वजह

सेक्सुअल डिसऑर्डर की समस्या को मानसिक स्वास्थ्य से जोड़ कर देखा जाता है। इनमें से कुछ शारीरिक स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं जैसे डायबिटीज, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी, पेल्विक डिसऑर्डर आदि। यह समस्या महिलाओं और पुरुषों दोनों को हो सकती है। इनके लक्षण काफी मिलते-जुलते होते हैं। जानें,ऑर्गेज्‍म डिसऑर्डर के बारे में विस्तार से।

क्‍या होता है ऑर्गेज्‍म डिस्‍फंक्‍शन
ऑर्गेज्‍म डिस्‍फंक्‍शन वह स्थिति होती है जब एक महिला को संभोग के दौरान उचित उत्‍तेजना के बाद भी ऑर्गेज्‍म तक पहुंचने में परेशानी होती है। ऑर्गेज्‍म तक पहुंचना महिलाओं में काफी सामान्‍य है। ब्राउन यूनिवर्सिटी के मुताबिक हर तीसरी महिला को भरपूर उत्‍तेजना के बाद भी ऑर्गेज्‍म नहीं होता। महिलाओं में ऑर्गेज्‍म डिस्‍फंक्‍शन को एनोग्रास्मा अथवा फीमेल ऑर्गेज्मिक डिसऑर्डर भी कहा जाता है। हालांकि पुरुषों में यह समस्‍या महिलाओं की अपेक्षा कम होती है।

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क्‍यों होता है ऑर्गेज्मिक डिसऑर्डर
ऑर्गेज्‍म तक पहुंचने में होने वाली परेशानी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। ये कारण मानसिक और शारीरिक दोनों प्रकार के हो सकते हैं इसलिए ऑर्गेज्मिक डिसऑर्डर के लिए किसी एक कारण को रेखांकित करना मुश्किल हो जाता है।

ऑर्गेज्मिक डिस्‍ऑर्डर के कारण

उम्र
उम्र इसका एक बड़ा कारण हो सकता है। ज्‍यों-ज्‍यों आपकी उम्र बढ़ती जाती है उनके लिए ऑर्गेज्‍म हासिल करना मुश्किल होता जाता है। महिलाओं में मेनोपॉज इसका एक अहम कारण हो सकता है।

झिझक
कई बार साथी सेक्‍स को लेकर झिझकते रहते हैं। इससे भी वे सेक्‍स के पूरे आनंद से वंचित रह जाते हैं। महिलाएं अक्सर सेक्‍स के दौरान अपने साथी को अपनी पसंद के बारे में नहीं बतातीं। वहीं अधिकतर पुरुष भी अपनी महिला साथी की पसंद और उत्‍तेजना के बारे में जानने की जरूरत नहीं समझते। इससे न तो वे और न ही उनकी साथी ऑर्गेज्‍म प्राप्‍त करते हैं। याद रखें, यदि संभोग के दौरान एक साथी भी असंतुष्‍ट रह गया, तो दूसरा भी चरमानंद नहीं प्राप्‍त कर सकता।

हिस्‍ट्रेक्‍टॉमी
यदि ऑपरेशन के जरिए किसी महिला का गर्भाशय निकाल लिया गया हो, तो वह ऑर्गेज्‍म प्राप्‍त नहीं कर पाती। कई बार डायबिटीज या किसी मानसिक रोग के कारण भी ऑर्गेज्‍म पाने में दिक्‍कत आती है।

यूं पाएं छुटकारा

– विशेषज्ञ से मिलकर बात करें। दवाओं के बारे में पता करें। यूं ही किसी भी दवा का सेवन न करें और न ही राह चलते किसी नीम-हकीम के पास ही जाएं। अपना पूरा इलाज करवाएं।
– तनाव सेक्‍स का बड़ा दुश्‍मन है। आपको चाहिए कि आप तनाव मुक्‍त रहने का प्रयास करें। यह बेहतर सेक्‍स लाइफ के लिए बहुत जरूरी है। तनाव को दूर करने के लिए आप योग, ध्‍यान, नियमित जीवनशैली आदि तरीके अपना सकते हैं।

– साइकोथेरेपी की मदद लें। इससे सेक्सुअल डिसऑर्डर से ग्रस्त लोगों का इलाज किया जा सकता है। यह इस बीमारी को ठीक करने का बहुत ही आम तरीका है। इस थेरेपी के दौरान एक पुरुष और एक महिला थेरेपिस्ट के साथ रोगी की मीटिंग कराई जाती है। वे रोगी की समस्याओं को सुनने के बाद इलाज का चुनाव करते हैं।

– सेक्‍स के दौरान अपनी परफॉर्मेंस को लेकर अधिक विचार न करें। अपने मन से यह बात निकाल दें कि आप अपने साथी को संतुष्‍ट कर पाएंगे अथवा नहीं या क्‍या आपका साथी संभोग का पूरा आनंद उठा पा रहा है अथवा नहीं। इन सब बातों के बारे में विचार न करें। सेक्‍स के दौरान उसका आनंद उठाने का प्रयास करें। कई पुरुष इसी डर की वजह से सेक्स से मन चुराने लगते हैं। उसकी इच्छा में कमी आने लगती है।
– कई बार आपके रिश्‍ते में चली आ रही निजी समस्‍याएं भी रिश्‍ते को प्रभावित करती है। आपसी मनमुटाव, भरोसे की कमी, रिश्‍तों में तनाव आदि के कारण आप बिस्‍तर पर एक-दूसरे के साथ होते हुए भी मानसिक रूप से कहीं अलग होते हैं। ऐसी परिस्थिति में सेक्‍स का आनंद उठाने की बात सोचना भी बेमानी है।

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