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सर्वाधिक व्‍यय करने वाली कंपनियों में सिर्फ 26 भारतीय

भारत में सरकार के स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) पर बहुत कम निवेश पर संसद की स्थायी समिति ने चिंता व्यक्त करते हुये इस दिशा में तत्काल निजी क्षेत्र को साथ लेकर शोध को बढ़ावा देने के उपाय लागू करने की सिफारिश की है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग से संबंधित प्रतिवेदन में केन्द्र सरकार द्वारा आर एंड डी पर किये गये निवेश का स्तर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का महज 0.6 प्रतिशत होने पर चिंता जतायी है।

राज्यसभा सदस्य आनंद शर्मा की अध्यक्षता वाली समिति की गत सप्ताह पेश रिपोर्ट में अन्य देशों की तुलना में भारत में आर एंड डी पर निवेश को बहुत कम बताते हुये कहा गया है कि केन्द्र सरकार द्वारा निवेश को पर्याप्त मात्रा में बढ़ाए जाने की तत्काल जरूरत है।

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कोरिया के 4.2% के मुकाबले भारत मात्र 0.6%

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में सरकार के स्तर पर आर एंड डी पर जीडीपी की तुलना में निवेश का स्तर 2.8 प्रतिशत, चीन में 2.1 प्रतिशत, इजरायल में 4.3 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया में 4.2 प्रतिशत है। समिति ने कहा कि 2017-2018 के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, अधिकांश देशों में निजी क्षेत्र आर एंड डी का मुख्य भार उठाता है और सरकार इसमें उत्प्रेरक की भूमिका निभाती है। समिति ने कहा कि भारत में सरकार न सिर्फ आर एंड डी की प्राथमिक स्रोत है बल्कि धनराशि की प्राथमिक उपयोगकर्ता भी है। समिति ने इस आधार पर आर एंड डी पर सरकारी व्यय लगभग पूरी तरह से केन्द्र सरकार द्वारा किये जाने का हवाला देते हुये स्पष्ट किया कि इस वजह से भारत में अनुसंधान के मामले में निजी क्षेत्र पिछड़ गया है।

समिति ने फोर्ब्स पत्रिका के एक विश्लेषण के आधार पर कहा कि आर एंड डी पर विश्व में सर्वाधिक व्यय करने वाली 2500 कंपनियों में 301 चीन की और मात्र 26 कंपनियां भारत की हैं। समिति ने इस आधार केन्द्र सरकार द्वारा आर एंड डी पर निवेश का स्तर पर्याप्त रूप से बढ़ाने, निजी क्षेत्र का सहयोग लेने तथा निवेश में कर लाभ जैसे प्रोत्साहन उपाय करने की सिफारिश भी की है।

आरएंडडी में महिलाओं की हिस्‍सेदार बहुत कम

मंत्रालय की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग से संबंधित एक अन्य संसदीय स्थायी समिति ने विज्ञान के क्षेत्र में आर एंड डी में महिलाओं की बहुत कम भागीदारी पर भी चिंता जतायी है। शर्मा की अध्यक्षता वाली समिति की गत तीन जनवरी को राज्यसभा में पेश रिपोर्ट के अनुसार ”देश में वैज्ञानिक आर एंड डी में महिलाओं की भागीदारी बहुत कम है। समिति का मानना है कि विभाग एवं उसके संस्थानों को महिला अनुसंधानकर्ताओं एवं वैज्ञानिकों की अधिक संख्या में भर्ती करना चाहिये।” समिति ने महिला वैज्ञानिकों को बढ़ावा देने के लिये केन्द्र सरकार की ‘किरण’ योजना के तहत वैज्ञानिक अनुसंधान में अपना करियर बनाने के लिये प्रोत्साहित करने के उपाय सुनिश्चित करने की सिफारिश की है।

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