Breaking News

6 जनवरी को 2019 का पहला सूर्य ग्रहण, भूलकर भी ना करें ये 5 काम वरना बुराहोगा अंजाम

6 जनवरी को 2019 का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। जिसका सूतक 5 जनवरी की शाम 05 बजकर 04 मिनट पर लग जायेगा और किसी भी ग्रहण के सूतक के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। अतः सूतक के दौरान आपको निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए।

ये सूर्यग्रहण खण्डग्रास सूर्यग्रहण है। दरअसल, जब चन्द्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच से होकर गुजरता है और पृथ्वी से देखने पर सूर्य पूर्ण रूप से न ढंककर आंशिक रूप से ढकता है, तब खण्डग्रास सूर्यग्रहण होता है। इस बार ग्रहण के समय चंद्रमा धनु राशि और मूल नक्षत्र में रहेगा। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार यह ग्रहण उत्तर-पूर्वी चीन, जापान और पूर्वी रूस तथा प्रशान्त महासागर में दिखाई देगा, जबकि भारत में यह ग्रहण अदृश्य रहेगा।

loading...

सूर्य ग्रहण का समय : भारतीय समय के अनुसार इस ग्रहण का स्पर्शकाल कल सुबह 05 बजकर 04 मिनट पर होगा। इसका मध्य काल सुबह 07 बजकर 11 मिनट तक होगा, जबकि इसका मोक्ष काल सुबह 09 बजकर 18 मिनट पर होगा। अतः इस ग्रहण का कुल पर्वकाल 04 घंटे 14 मिनट का रहेगा। भले ही यह ग्रहण कल सुबह लगेगा, लेकिन इसका असर आज शाम से ही शुरू हो जायेगा।

बरतें ये सावधानियां : ग्रहण के सूतक के दौरान घर में पानी के बर्तनों में, दूध में और दही में कुश या दूब धोकर डालनी चाहिए। सूतक शुरू होने से लेकर ग्रहण समाप्त होने तक रसोई से संबंधित कोई कार्य भी नहीं करना चाहिए, खासकर खाना नहीं बनाना चाहिए। इस समय में से’क्स नहीं करें। इस समय के दौरान लड़ाई झगड़े से दूर रहें। किसी से पैसों का लेनदेन नहीं करें। इस दौरान शराब और मांस के सेवन से दूर रहें।

गर्भवती महिलाओं को इस दौरान अपना खास ख्याल रखना चाहिए। उन्हें किसी भी तरह का काटने, छीलने या छौंकने का काम नहीं करना चाहिए। साथ ही सुई में धागा भी नहीं डालना चाहिये।

ग्रहण शुरू होने से पहले थोड़ा-सा अनाज और कोई पुराना पहना हुआ कपड़ा निकालकर अलग रख लेना चाहिए और ग्रहण समाप्त होने के बाद उस कपड़े और अनाज को बड़े ही आदर के साथ किसी सफाई कर्मचारी को दान कर देना चाहिए। इससे व्यक्ति को ग्रहण के शुभ फल प्राप्त होंगे।

ग्रहण के समय मन्दिर में पूजा-पाठ नहीं करनी चाहिए। यहां तक कि दीपक भी नहीं जलाना चाहिए। इसके बजाय मन ही मन भगवान का ध्यान करते हुए उनके मंत्रों का तेज आवाज में उच्चारण करना चाहिए। सूर्यदेव का मंत्र इस प्रकार हैं- ‘ॐ ह्रां ह्रीं हौं स: सूर्याय नम:। इसके अलावा सूर्यदेव का एक अन्य विशेष मंत्र भी है- ‘ऊँ घृणिः सूर्याय नमः। इससे आपके घर में कोई संकट नहीं आता।

Share & Get Rs.
Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!