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प्याज व आलू की खेती करने वाले किसानों के लिए केंद्र गवर्नमेंट ने बनाया ‘टॉप प्लान’

अब जब गवर्नमेंट किसानों की लोन से लेकर खाद्य तक की कठिनाई के निवारण में नित्य नयी घोषणाएं कर रही है ऐसे में कृषि मंत्रालय भी किसानों की कमाई को दुगुना करने के लिए कुछ नए कदम उठाने जा रही है. इसमें टमाटर, प्याज  आलू की खेती करने वाले किसानों के लिए 24 क्लस्टरों की स्थापना की जाएगी.  इन तीनों उच्च प्राथमिकता वाले कृषि उत्पादों के लिए व्यापार की एक रूप रेखा तैयार की जाएगी.

किसानों की आय लगातार बढ़ाने की योजना बना रहे मंत्रालय इन तीनों उत्पादों के उचित मूल्य दिलाने के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़े जाने की योजना बनाई है.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक ‘मंत्रालय  टॉप नाम से एक ट्रेड मैप को तैयार कर रहा है. इसमें सभी विवरण जैसे वेराइटीज, प्राइस ट्रेंड, बिक्रेता, खरीदार  प्रोसेसर्स शामिल रहेंगे.इसके तहत सब्जी के मूल्य  मांग की भविष्यवाणी में भी मदद मिल सकेगी. ऑफिसर ने बताया कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर खरीदारों  उत्पादकों से जुड़े आंकड़ों के लिए गवर्नमेंट मंत्रालय स्कॉटलैंड, रूस जैसे राष्ट्रों के विशेषज्ञों के साथ संपर्क भी साधा जा रहा है.

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ऑफिसर ने यह भी बताया कि इस तरह के बुनियादी कदमों से महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार  बंगाल के किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा. बता दें कि इन राज्यों में क्लस्टर बनाए जाने से यहां के लाखों किसानों को सीधे लाभ पहुंचेगा.

कृषि मंत्रालय द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने बताया,  टमाटर, प्याज  आलू की टॉप योजना के तहत ऐग्रीकल्चरल प्रसेसिंग के लिए क्लस्टरों को स्थापित किया जा रहा है. मूल्य  मांग की भविष्यवाणी के अनुपात के अनुसार किसान यह तय कर पाएंगे कि अधिक फायदे के लिए किस फसल की बुआई जाए.

सिंह ने यह भी बताया कि गवर्नमेंट पिछले 4 वर्षों से किसानों की समस्याओं के दीर्घकालिक निवारण के लिए कई कोशिश किए हैं. गवर्नमेंट की नीतियों की सफलता का नजारा 2017-18 में खाद्यान्नों  अन्य कृषि उत्पादों के रेकॉर्ड उत्पादन के बाद से दिखाई देना प्रारम्भ हो गया है. यही नहीं गवर्नमेंट कई राज्यों के किसानों के लोन माफ करने से लेकर फसल बीमा योजना तक मुहैया करा रही है.

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