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विवेक तिवारी मर्डर केस में नया मोड़

लखनऊ के बहुचर्चित विवेक तिवारी मर्डर केस में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। इस केस में एकमात्र चश्मदीद गवाह सना खान के बयानों में मिले विरोधाभास और आरोपी प्रशांत चौधरी के बयान के आधार पर किए गए नाट्य रूपांतरण के बाद मामले की गुत्थी सुलझने के बजाय और उलझ गई। अब इस मामले में एक और नया मोड़ आ गया है। एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या के मुख्य आरोपी प्रशांत चौधरी ने अब अपनी ओर से एफआईआर दर्ज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। यह अर्जी प्रशांत चौधरी की पत्नी राखी मलिक की ओर से दाखिल की गई है।

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एसएसपी और एसओ पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग

मंगलवार को प्रशांत चौधरी की पत्नी राखी मलिक ने लखनऊ की सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल करते हुए एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। कोर्ट में दाखिल की गई इस अर्जी में गोमतीनगर थाने के एसओ और लखनऊ के एसएसपी को विपक्षी पक्षकार बनाते हुए इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। सीजेएम आनंद प्रकाश सिंह ने प्रशांत चौधरी की अर्जी पर थाना गोमतीनगर से रिपोर्ट तलब करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 14 नवंबर की तारीख तय की है।

अर्जी में प्रशांत चौधरी ने क्या लिखा?

अपनी अर्जी में प्रशांत चौधरी ने आरोप लगाया है कि घटना वाली रात वह अपनी ड्यूटी कर रहा था। घटनास्थल पर विवेक तिवारी की गाड़ी संदिग्ध अवस्था में खड़ी हुई थी। प्रशांत ने आरोप लगाया है कि उसने मौके पर पहुंचकर पूछताछ की लेकिन गाड़ी चला रहे विवेक ने मौके से भागते हुए उसे कुचलने का प्रयास किया, जिसमें उसे चोटें भी आई। प्रशांत ने कहा कि इस मामले के संदर्भ में उसने एफआईआर दर्ज कराने की अर्जी दी थी, लेकिन उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसलिए इस मामले में विपक्षीगणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया जाए।

28 सितंबर की रात क्या हुआ था

आपको बता दें कि बीते 28 सितंबर की रात को एप्पल कंपनी में एरिया सेल्स मैनेजर के पद पर तैनात विवेक तिवारी की पुलिस की गोली लगने से मौत हो गई थी। विवेक तिवारी एप्पल फोन के लॉन्चिंग इवेंट से देर रात अपनी पूर्व सहकर्मी सना खान को घर छोड़ने जा रहे थे। उसी दौरान यूपी पुलिस के सिपाही प्रशांत चौधरी ने कथित तौर पर गाड़ी ना रोकने पर उन्हें गोली मार दी थी। बाद में अस्पताल में विवेक तिवारी की मौत हो गई। इस मामले में दोनों सिपाहियों को बर्खास्त कर और उनके ऊपर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जा चुका है।

उलझ रही है केस की गुत्थी

इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी के अधिकारी मामले में एकमात्र चश्मदीद गवाह सना खान और आरोपी सिपाहियों के बयान के आधार पर दो बार घटना का नाट्य रूपांतरण कर चुके हैं। अभी तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनसे केस की गुत्थी काफी उलझी हुई नजर आ रही है। मामले में अभी तक की जांच से यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर वो कौन सी परिस्थितियां थी, जिनमें आरोपी प्रशांत चौधरी ने विवेक तिवारी के ऊपर गोली चलाई?

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