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भारत के दबाव से पाकिस्तान जैश सरगना के मसूद अजहर पर कार्रवाई को हुआ तैयार

मसूद अजहर की मौत की अटकलों के बीच भारत जैश-ए-मोहम्मद सरगना को वैश्विक आतंकी घोषित कराने की मुहिम में जुटा है। और भारत को इस मुहिम में अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन समेत कई देशों का भरपूर समर्थन मिल रहा है।

खबरें आ रही है कि आतंकी मसूद पर चीन के रूख में भी बदलाव आया है और वो UNSC इस प्रस्ताव का समर्थन कर सकता है। हालांकि ये 13 मार्च तक साफ हो पाएगा की चीन इसपर इसबार अपना क्या रूख रखता है। वहीं भारत के एक्शन के बाद पाकिस्तान पूरी तरह से घुटनों पर आ चुका है। कहा जा रहा है कि भारत के दबाव के बाद अब पाकिस्तान जैश सरगना और पुलवामा के गुनहगार मसूद अजहर पर कार्रवाई को तैयार हो गया है। PTI के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक अगर भारत UNSC में मौलाना मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करवाने के लिए कदम उठाता है तो पाकिस्तान इसका विरोध नहीं करेगा। PTI ने सूत्रों के मुताबिक खबर छापी है कि पाकिस्तान की इमरान सरकार आतंकी संगठन जैश पर भी कार्रवाई करने का फैसला लिया है।

इन सबके बीच भारत मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करवाने के अपने मुहिम में जुटा हुआ है। अगर चीन आतंक के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के संयुक्त राष्ट्र में फ्रांस के प्रस्ताव पर अड़ंगा नहीं लगाता है तो अगले सप्ताह इस प्रस्ताव के पास हो जाने की उम्मीद है। अमेरिका और रूस ने चीन को मसूद पर अपने रुख बदलने के लिए दबाव भी डाला है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सैंगशन कमिटी ने 13 मार्च पर इस मामले की सुनवाई का नोटिस जारी किया है। जानकारी के मुताबिक अजहर मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए भारत चीन के साथ लगातार संपर्क में है। सूत्रों के मुताबिक मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में अजहर मसूद को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित करने और उसपर प्रतिबंधन लागने के जुड़े संयुक्त राष्ट्र में दाखिल प्रस्ताव का चीन से समर्थन की अपील कर रहा है। बताया जा रहा है कि इस मसले पर भारत के साथ कई अन्य देश भी चीन से बात कर रहा है।

जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने और उसपर प्रतिबंध लगाने से जुड़े प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र में एक राय बनाने के लिए भारत समेत कई देश चीन के संपर्क में है। चीन को इस बात के लिए राजी करने की कोशिश की जा रही है कि वह यूएन में अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की ओर से लाए गए प्रस्ताव का समर्थन करे। जिससे दुनिया के लिए खतरा पैदा हो चुके आतंकी मसूद अजहर पर नकेल कसी जा सके। आपको बता दें कि इस सूची में नाम आने के बाद मसूद अजहर पर वैश्विक यात्रा प्रतिबंध लग जाएगा और साथ ही उसकी संपत्ति जब्त हो जाएगी। पहले भी इस संबंध में प्रस्ताव लाया जा चुका है। लेकिन चीन के विरोध के चलते मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रयास में सफलता नहीं मिली।

जानकारी के मुताबिक चीन को भरोसे में लेने की कोशिशों के तबत भारत ने उसे कई सबूत भी दिए हैं। बताया जा रहा है कि चीन ने अभी तक अपने रुख में बदलाव को लेकर कोई संकेत नहीं दिए हैं और न ही भारत को कोई आश्वासन दिया है। सूत्रों के मुताबिक चीन क्या रवैया अख्तियार करेगा कहना मुश्किल है। फिलहाल भारत मसूद अजहर पर सर्वसम्मति बनाने की कोशिशों में जुटा है और जैश प्रमुख पर शिकंजा कसने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ रहा। आपको बता दें कि पुलवामा हमले के बाद भारत ने जिस तरह से कूटनीतिक दबाव बनाया है उसे देखते हुए संयुक्त राष्ट्र के तीन स्थायी सदस्यों अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के प्रस्ताव को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दुनिया भर में पुलवामा हमले की निंदा हुई है और हमले में जैश की भूमिका को स्वीकार किया गया है। जैश ने स्वंय हमले की जिम्मेदारी ली थी। इसके चलते इस बार चीन पर भी दबाव है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से पुलवामा हमले की निंदा के लिए प्रस्ताव पर चीन ने भी दस्तखत किया था।

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