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फेसबुक ने किया सोशल मीडिया का ये स्ट्राइक, यूजर नहीं कर पाएंगे ऐसे कंटेंट पोस्ट

सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक ने हांल ही में रगभेद और अलगाववादी कंटेंट पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। आपको बता दे कि यह घोषणा न्यूजीलैंड के शहर क्राइस्टचर्च के मस्जिद अटैक के बाद लिया है।

गौरतलब है की कुछेक दिनों पहले एक आस्ट्रेलियाई शख्स ने दो मस्जिदों में ताबड़तोड़ गोलीबारी कर 50 से अधिक लोगो को मौत के घाट उतार दिया था जिसके बाद पूरी दुनिया में आतंक और दहशत की सनसनी फ़ैल गयी थी। हमले के दौरान हमलावर गोलीबारी के वारदात को फेसबुक पर लाइव कर दिया था जिसके बाद देखते ही देखते

यह विडिओ वायरल हो गया.हलाकि बाद में न्यूजीलैंड प्रशासन के अनुरोध पर फेसबुक ने वीडिओ रिमूव कर दिया था। यहाँ यह जानना बेहद जरूरी है की इससे पहले फेसबुक ने रंगभेद और वर्चस्ववादी कंटेंट पर रोक लगाई थी लेकिन इस बार अलगाववाद को भी प्रतिबंधित किया गया है। बुधवार को फेसबुक ने कहा कि नागरिक अधिकार समूह व नस्ली मामलों के विशेषज्ञों के साथ चर्चा के बाद उसने अपनी मौजूदा नीति में बदलाव किया है।

लॉयर कमिटी फॉर सिविल राइट के अध्यक्ष व कार्यकारी निदेशक क्रिस्टेन क्लार्क के अनुसार ‘रंगभेद आधारित वर्चस्ववाद के विचार को रंगभेद आधारित राष्ट्रवाद व अलगाववाद से अलग करके देखा जाता है, लेकिन इन सब में कोई अंतर नहीं है। इन सब से नफरत व हिंसा को बढ़ावा दिया जाता है।’

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे विचारों से सोशल मीडिया पर नफरत फैलाई जा रही है जिसे दुनिया के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है ।

फेसबुक का यह कदम इस दिशा में बेहतरीन प्रयास है।वही फेक न्यूज़ और फेसबुक की चुनावी दखलंदाजी पर फेसबुक ने बड़ा कदम उठाया है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक फेसबुक ने फिलपींस के 200 एकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया है। आपको बता दे कि कुछ असली व् कुछ फर्जी खातों से एक साथ चुनाव संबंधी स्थानीय व राष्ट्रीय खबरों को प्रसारित किया जा रहा था। फेसबुक ने इस ऑनलाइन गतिविधि में ऑमनीकॉम मीडिया ग्रुप के सीईओ निक गबुंदा के शामिल होने की बात कही है। निक 2016 के चुनाव में राष्ट्रपति रोड्रिगो दुर्तेते का ऑनलाइन अभियान संभाल चुके हैं।

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